रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में छात्रों के जारी आंदोलन के बीच रविवार को सरकार के मंत्रियों ने छात्रों के साथ तीसरे दौर की वार्ता की. सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कराई जाएगी. दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी होगी. लेकिन छात्र नहीं माने.
इस बीच पूर्व निर्धारित 10 अगस्त के विधानसभा घेराव कार्यक्रम की तैयारियों में वे जुटे हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भी घेराव को समर्थन दिया है.
सरकार की ओर से छात्रों को भरोसा दिलाया गया कि गड़बड़ियों के मामले की जांच सीआइडी से करायी जाएगी. .
राज्य सरकार के चार मंत्रियों की कमेटी के साथ वार्ता के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने कहा है टीडीपीएल एजेंसी से कराई गई परीक्षाओं की सिर्फ जांच काफी नहीं है. इन परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.
साथ ही जेएसएसी सीजीएल की हुई परीक्षा की न्यायिक जांच कराने के भरोसे से भी वे संतुष्ट नहीं हैं. इसे भी रद्द किया जाना चाहिए.
छात्रों ने इन परीक्षाओं को रद्द कर सीबीआइ जांच पर जोर दिया. इसके साथ ही कहा कि तीनों मांगों पर हू-ब-हू निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा. साथ ही कल का विधानसभा घेराव कार्यक्रम भी होगा।
सरकार की कमेटी में मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिहं, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हैं.
मंत्रियों के समूह ने यह भी कहा कि छात्रों की मांग पर परीक्षा में सुधार के लिए आईआईटी-आईएसएम, एक्सएलआरआई आदि संस्थाओं से भी परामर्श लिया जाएगा.
मंत्रियों ने यह भी कहा है कि परीक्षाओं में सुधार को लेकर छात्रों की सभी मांगों पर विचार किया जाएगा.
90 दिनों में चार्जशीट, फास्ट ट्रैक कोर्ट
मंत्रियों ने छात्रों को बताया कि 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग नियुक्तियों में हुई अनियमितताओं पर कार्रवाई का फैसला लिया गया है. आपराधिक पहलुओं की जांच सीआइडी करेगी, जबकि वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन को देखते हुए ईडी से भी जांच का अनुरोध किया जाएगा. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, जहां मामले की तेजी से सुनवाई होगी.
आरोपियों के खिलाफ 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
सरकार का दावा है कि इससे जांच और कार्रवाई दोनों में तेजी आएगी. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करना है.
JSSC CGL रद्द करने पर अड़े हैं छात्र
JSSC CGL परीक्षा को लेकर वार्ता में जिच कायम रहा. छात्रों ने इस परीक्षा को रद्द करने और सीबीआइ जांच कराने की मांग रखी, जबकि सरकार की ओर से न्यायिक जांच की बात कही गई.
सरकार का तर्क है कि CGL परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोजित हुई है. इसलिए इसे सीधे रद्द नहीं किया जा सकता.
वहीं, छात्र परीक्षा की प्रक्रिया और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग पर कायम हैं.
खबरों के मुताबिक यही मुद्दा बैठक के दौरान सरकार और छात्रों के बीच असहमति का प्रमुख कारण बना रहा. चाहते हैं.
