रांची/पलामूः झारखंड सरकार के वित्त मंत्री और कांग्रेस के नेता राधाकृष्ण किशोर के कथित तौर पर हिंदुत्व और जातीय भेदभाव को लेकर बयान पर बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है. बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भानूप्रताप शाही ने किशोर पर निशाना साधा है. उधर पलामू में भाजपा ने रविवार को वित्त मंत्री का पुतला जलाया और नारेबाजी की.
इतनी जल्दी सब कुछ कैसे भूल जाते हैं
भानू प्रताप शाही ने फेसबुक पेज पर लंबा पोस्ट लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है, “राजनीति में याददाश्त बड़ी अजीब चीज है. जब अतीत अपने पक्ष में हो तो नेता उसे बार-बार सुनाते हैं और जब वही अतीत आज के बयान से टकराने लगे तो लगता है जैसे इतिहास की डायरी का वह पन्ना गलती से फट गया हो. राधाकृष्ण किशोर जी के हालिया बयान को सुनकर यही सवाल मन में आया – इतनी जल्दी सब कुछ कैसे भूल जाते हैं, चुन्नू बाबू!”
इसके साथ ही भानू ने किशोर के राजनीतिक जीवन में अलग-अलग दलों से छतरपुर की सीट पर चुनाव लड़ने तथा जीत- हार और मौकापरस्ती की भी चर्चा की है.
पलामू भाजपा ने भी खोला मोर्चा
इधर मेदिनीनगर के छह मुहान चौक पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने रविवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का पुतला फूंका. पार्टी के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने कहा कि सरकार के खाते में कोई उपलब्धि नहीं है, जिस कारण उनके मंत्री जातिगत भेधभाव को लेकर समाज पर टिप्पणी कर रहे हैं वित्त मंत्री के पद पर बैठे हुए व्यक्ति राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य जनहित के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए. लेकिन सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर चर्चा करने के बजाय भाजपा को लेकर उनकी तरफ से आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है.

किशोर का सामाजिक बराबरी और समान अधिकार पर जोर
गौरतलब है कि हाल ही में पलामू में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में झारखंड सरकार में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हिंदुत्व, जातीय भेदभाव और राजनीतिक नारों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. इसके साथ ही धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक बराबरी और समान अधिकार की बातों पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि वे भी हिंदुत्व की राजनीति और विचारधारा के साथ अपने जीवन के चार-पांच साल बिता चुके हैं, लेकिन आज भी समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को मंदिरों में समान सम्मान और प्रवेश नहीं मिल पाता है.
जीवन के पांच साल बर्बाद किए
किशोर ने कहा कि जिस हिंदुत्व की आज बात की जा रही है, उसी हिंदुत्व के साथ उन्होंने अपने जीवन के चार-पांच साल बर्बाद किए हैं. उन्होंने सवाल किया कि अगर हिंदुत्व और धर्म की बात होती है तो समाज के पिछड़े वर्गों के साथ व्यवहार में समानता क्यों नहीं दिखाई देती. उन्होंने कहा कि कई बार गंदे कपड़ों में आने वाले पिछड़े वर्ग के लोगों को मंदिरों में जगह तक नहीं मिलती.
राम मंदिर और वीआईपी व्यवस्था पर भी सवाल
राधाकृष्ण किशोर ने राम मंदिर का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि राम के नाम पर मंदिर बनवाने और उसका निर्माण कराने से क्या समाज के सभी लोग वास्तव में समान रूप से उसमें शामिल हो पा रहे हैं. उन्होंने मंदिरों में वीआईपी व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या आम लोगों और वंचित वर्गों को भी वही सम्मान और अवसर मिल रहा है, जो प्रभावशाली और वीआईपी को मिलता है. मंत्री का यह वीडियो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर भी शेयर किए जा रहे हैं.
भानू का पलटवार
किशोर के इन बयानों पर भानू ने लिखा है, “किशोर जी ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कह रहे हैं कि भाजपा हिंदुत्व के नाम पर गरीब-दलितों को कथित बरगलाने का काम करती है. जिस भाजपा के हिंदुत्व पर आज किशोर जी सवाल उठ रहे हैं, उसी भाजपा के टिकट पर 2014 में विधानसभा पहुंचने का इतिहास भी इसी राजनीतिक सफर का हिस्सा है. तब हिंदुत्व शायद बड़ा अनुशासित भूत था. टिकट मिला तो वह भूत साथ रहा, टिकट नहीं मिला तो उतर गया.”
सबसे दिलचस्प अध्याय 2019 है
भानू ने कहा है, 2019 में भाजपा ने किशोर जी को टिकट नहीं दिया तो वे भाजपा छोड़कर आजसू का दामन थाम बैठे. और छतरपुर से चुनाव लड़े. 2019 में आजसू भाजपा की सहयोगी थी. यानी भाजपा से टिकट नहीं मिला तो जिस राजनीतिक रास्ते पर कदम बढ़ा, वह रास्ता भी उस समय भाजपा के साथ गठबंधन की राजनीति में था. इसके बाद भी किशोर जी ने हिंदुत्व के साथ चार-पांच साल बर्बाद कर बैठे.
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