झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी ने बुधवार की रात पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है.
इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
बुधवार को जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते के कार्यालय में तैनात एक स्टाफ धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया है.
परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के अकाउंटेंट, जिसने गलत तरीके से जीपीएससी की पीटी परीक्षा पास की है को लखनऊ पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया है.
इनके अलावा गलत तरीके से जेपीएससी की परीक्षा पास करने वाले और दो अभ्यर्थी रोशन केरकेट्टा तथा मनोज कुमार को तथा एजेंट के तौर पर अभ्यर्थियों की परीक्षा एजेंसी से सेटिंग कराने वाले उमाकांच उरांव को भी गिरफ्तार किया गया है.
इससे पहले भी जांच एजेंसी ने हजारीबाग से एक अभ्यर्थी सौरभ सुमन को गिरफ्तार किया था. उस पर आरोप है कि फर्जी तरीके से उसने जेपीएससी 14वीं की पीटी पास की. उसने ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी सीआइडी को उपलब्ध नहीं करायी थी.
छापेमारी का सिलसिला जारी
सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के क्रम में यह कार्रवाई की गई है. इससे पहले भी जांच एजेंसी ने फर्जी तरीके से पीटी पास करने वाले एक अभ्यर्थी सौरभ सुमन को गिरफ्तार किया था. इन गिरफ्तारियों में जेपीएसएसी की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता और टीडीपीएल के मैनेजर रहे पोड़ैयाहाट के आपूर्ति पदाधिकारी अभय तिवारी भी शामिल हैं.
मंगलवार की रात भी एक कार्रवाई के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत व रमेश कुमार शामिल हैं.
ये तीनों बतौर एजेंट अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे, उनके डॉक्यूमेंट लेते थे, उनसे पैसा वसूलते थे और अपने नेटवर्क से परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) तक पहुंचाते थे.
3 अगस्त को 18 ठिकानों पर छापे
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी की एसआईटी ने झारखंड पुलिस के सहयोग से सोमवार को पांच जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के क्रम में यह कार्रवाई की गई.
जांच एजेंसी ने जारी बयान में बताया था कि रांची पलामू हजारीबाग बोकारो और धनबाद जिले में पुलिस के सहयोग से कांड से संबंधित 18 ठिकानों पर छापेमारी कर जेपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं से संबंधित आवश्यक दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, लैपटॉप, मोबाइल, विभिन्न बैंकों के पासबुक एवं चेक बुक मिले हैं.
इनके अलावा विभिन्न अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट्स की कार्बन कॉपी एडमिट कार्ड एवं मार्कशीट इत्यादि बरामद किए गए हैं. अनुसंधान में ये तथ्य भी सामने आए हैं कि अभय कुमार तिवारी ने अब तक अलग-अलग करीब एक दर्जन प्रतियोगिता परीक्षाएं फर्जी तरीके से पास की है.
पूर्व चेयरमैन का इस्तीफा और लंबी पूछताछ
सीआइडी की एसआईटी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते से भी अब तक चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी है.
सीआइडी के अधिकारी उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा लेने वाली एजेंसी के कार्यकलाप, ओएमआर शीट, कट ऑफ मार्क्स, चेयरमैन की भूमिका समेत अन्य बिंदुओं पर लगातार जानकारी जुटा रही है.
जांच के क्रम में उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है. जेपीएससी के दफ्तर में छापे के बाद ख्यांगते ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
1988 बैच के आईएएस रहे एल ख्यांग्ते राज्य के मुख्य सचिव भी रहे हैं.
21 जुलाई को पड़ा था पहला छापा
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) दफ्तर और परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के ठिकानों पर 21 जुलाई को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की छापेमारी के बाद उसी दिन आयोग के चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने इस्तीफा दिया था.
अगले दिन 22 जुलाई को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया था.
प्रशासनिक हलके में माना जा रहा है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के सख्त रुख को देखते हुए चेयरमैन ने अपना इस्तीफा दिया है.
