पटनाः राष्ट्रीय जनता दल की पूर्व नेता और महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष, रितु जायसवाल मंगलवार को पटना में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं.
उन्होंने बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल की मौजूदगी में पार्टी बदली. और इसके पीछे अपनी मुख्य प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समावेशी नीतियों को बताया.
राजद छोड़ बीजेपी ज्वाईन करने के बाद रितु जायसवाल ने कहा, ‘एक नाम जो वर्षों से जुबान पर था, उसको बदलने में वक्त लगता है. कई पुराने वीडियो से मुझे ट्रोल किया जाएगा, लेकिन मैं निडर हूं.’ उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरागवी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल का धन्यवाद किया.
बिहार की राजनीति में चर्चित चेहरा
बिहार की राजनीति में रितु जायसवाल एक चर्चित चेहरा रही हैं. राजद में उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई. पार्टी ने उन्हें महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. साल 2021 से 2023 तक वह राजद की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहीं.
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने रितु जायसवाल को शिवहर सीट से मैदान में उतारा था. चुनाव में उन्हें करीब 4.47 लाख वोट मिले थे, लेकिन वह लगभग 29 हजार वोटों से लवली आनंद से हार गई थीं.
टिकट कटने के बाद बागी
लेकिन पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राजद ने सीतामढ़ी की परिहार सीट से उनका टिकट काट दिया था. जिसके बाद रितु जायसवाल पार्टी से नाराज चल रही थी. राजद ने परिहार से पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया. इसके बाद रितु जायसवाल निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरी थी. उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए, जिसे राजद उम्मीदवार की हार का बड़ा कारण माना गया. बाद में पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.
