पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन रविवार को झारग्राम की सभा में शामिल नहीं हो सके. उनका हेलीकॉप्टर झारग्राम में नहीं उतर सका.
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस इलाके में चुनावी सभाएं थी. इसी दौरान झारग्राम में काफिला रोककर वहां का प्रसिद्ध झालमुरी खाने को वे एक दुकान पर पहुंच गए. इस स्नैक्स ब्रेक की वजह से हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन को घंटों हवा में इंतजार करना पड़ा और अंततः उन्हें बिना सभा संबोधित किए रांची लौटना पड़ा.
पार्टी ने इसे आदिवासी नेताओं के साथ अपमान बताया है. साथ ही कहा है कि बंगाल ने इसे देखा, इस अपमान का बदला चार मई को बंगाल लेगा.
टीएमसी नेताओं ने सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट एक्स पर कहा है, “लोकतांत्रिक रूप से चुने गए दो नेता हवा में फंसे रहे. लैंड करने के लिए घंटों इंतजार करते रहे. और अंततः अपना निर्धारित कार्यक्रम पूरा किए बिना रांची लौटने के लिए विवश हुए, क्योंकि प्रधानमंत्री के नाश्ते के अवकाश और फोटो खिंचवाने के समय को उनके (हेमंत सोरेन- कल्पना सोरेन) के लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक स्थिति से अधिक महत्व दिया गया.”
