राज्य सभा में सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की घोषणा कर दी है.
शुक्रवार को संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस काफ्रेंस कर राघव चड्ढा ने कहा, “हमने तय किया है कि हम, राज्य सभा में आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सदस्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.”
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, “राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं. इनमें से दो-तिहाई से ज़्यादा हमारे साथ हैं. उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज़ राज्य सभा के सभापति को सौंप दिए. इनमें से तीन यहां आपके सामने मौजूद हैं. हमारे अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं.”
इधर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की आलोचना करते हुए इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया.
जबकि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ताज़ा घटनाक्रम को लेकर एक्स पर राघव चड्ढ का नाम लिए बिना सिर्फ़ इतना लिखा, “बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का.”
राघव चड्ढा ने कहा, “आम आदमी पार्टी, जिसे मैंने अपने खून पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी युवावस्था के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकताओं से पूरी तरह भटक चुकी है. अब यह पार्टी देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है.”
उन्होंने कहा, “आप में से कई लोग पिछले कुछ वर्षों से मुझसे यह कहते आ रहे हैं, और मैंने भी व्यक्तिगत रूप से यह महसूस किया है कि मैं सही आदमी हूं, लेकिन ग़लत पार्टी में हूँ. मैं दोहराता हूँ, ‘मैं सही आदमी हूँ, लेकिन गलत पार्टी में हूं.’ इसलिए, आज मैं घोषणा करता हूँ कि मैं आम आदमी पार्टी से खुद को अलग कर रहा हूँ और जनता के पास जा रहा हूं.”
आम आदमी पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी राघव चड्ढा की जगह अशोक कुमार मित्तल को दे दी थी.
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के फ़ैसले पर सवाल उठाया था और कहा था कि वह जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और सवाल पूछा कि इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुक़सान हुआ होगा.
आप के इस फैसले पर राघव चड्ढा ने कई वीडियो साझा किए थे, जिसमें वे कहते रहे कि आम आदमी पार्टी आखिर मुझे चुप क्यों कराना चाहती है. क्या आम आदमी के लिए राज्य सभा में मेरा बोलना पार्टी को बुरा लगता है.
