रांचीः झारखंड प्रदेश भाजपा के तीन शीर्ष नेता रविवार दिल्ली रवाना हुए. इनमें क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी शामिल हैं.
चारों नेता वहां राज्यसभा चुनाव के अलावा राज्य की मौजूदा राजनीति को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं के साथ विचार विमर्श करेंगे.
झारखंड के नेताओं ने राज्यसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों की सूची भी तैयार कर ली है. यह सूची केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी गई है.
चर्चा के बाद जीत-हार की संभावना को भी भाजपा नेतृत्व ध्यान में रखेगा. इसलिए कि सत्तारूढ़ गठबंधन में बिना सेंध लगाए भाजपा प्रत्याशी की राज्यसभा चुनाव में जीत मुश्किल है.
जानकारी के मुताबिक प्रदेश नेतृत्व इस बैठक में केंद्रीय समिति को हाल ही में रांची में हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के निर्णयों और फीडबैक से अवगत करायेगा.
हालांकि भाजपा की ओर से आधिकारिक तौर पर दिल्ली रवानगी को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है.
माना जा रहा है कि इन नेताओं के दिल्ली से लौटने के बाद उम्मीदवार के मामले में भाजपा स्थति स्पष्ट करेगी.
इधर पार्टी का ध्यान राष्ट्रीय अध्यक्ष के रांची दौरे पर भी है. 6 जून को दो दिवसीय दौरे पर रांची आ रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का यह पहला दौरा है.
इससे पहले दिल्ली पहुंचे झारखंड बीजेपी के नेता उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे. साथ ही सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस में क्या कुछ चल रहा है उसकी भी जानकारी देंगे.
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए एक जून से नामांकन प्रारंभ होगा और आठ जून तक चलेगा. 18 जून को चुनाव है. सत्तारूढ़ दलों के पास दोनों सीट जीतने का अंकगणित है.
लेकिन भाजपा ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुनावी रणनीति को रोचक बना दिया है. राजनीतिक दलों की नजर इस ओर टिकी है कि भाजपा और चार वोट कैसे जुटायेगी. एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के वोट की जरूरत होगी. सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं. भाजपा के पास 21 और एनडीए में 24 विधायक हैं.
