रांचीः झारखंड में राज्यसभा के लिए होने वाले चुनाव में एनडीए के समर्थन से पर्चा दाखिल करने के बाद उद्योगपति और पूर्व सांसद परिमल नथवाणी ने कहा है कि झारखंड मेरी कर्मभूमि रही है. एक बार फिर सेवा करना सौभाग्य होगा.
सोशल मीडिया के एक्स पर नथवाणी ने कहा, “मैंने झारखंड से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है. यह मेरे लिए बहुत ही भावुक क्षण है क्योंकि मैंने 2008 में झारखंड से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और यहां से सांसद के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीजेपी के विभिन्न हितधारकों और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूँ.
साथ ही, झारखंड के लोगों के विकास के लिए अन्य दलों से भी समर्थन मांग रहा हूँ. अपनी कर्मभूमि की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी. जोहार झारखंड.”
18 को मतदान और अंकगणित
एनडीए में 24 विधायक हैं. जीत के लिए प्रथम वरीयता में 28 वोट की जरूरत होगी.
नथवाणी पहले भी दो बार झारखंड से राज्यसभा का चुनाव जीते हैं.
वे सत्ता-विपक्ष दोनों खेमे में अपनी पकड़ रखते हैं. सियासी गलियारे में चर्चा जोरों पर है कि सत्तारूढ़ दलों में वे सेंध लगाने की रणनीतिक बिसात के साथ ही यहां चुनाव लड़ने आए हैं.
शनिवार को वे राज्यसभा चुनाव की गोटी बिछाने रांची आए थे, तो उन्होंने हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की थी.
हालांकि इस मुलाकात को उन्होंने चुनाव से अलग बताया था.
उधर सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं. बैजनाथ राम जेएमएम के और प्रणव झा कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. जेएमएम के पास 34 विधायक हैं और बैजनाथ राम की जीत कंफर्म है.
नथवाणी के चुनाव में उतरने से कांग्रेस की चुनौती बढ़ गई है. सरकार में साथ रहने के बाद भी राजद के चार और माले के विधायकों का वोट पाना कांग्रेस के लिए कठिन भी हो सकता है.
हालांकि रविवार की रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सरकार के सहयोगी दलों के मंत्रियों, विधायकों की रात्रि भोज के बहाने बैठक और चुनाव की रणनीति पर चर्चा के दौरान सोरेन ने सभी से जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत सुनश्चित करने को कहा है.
