रांची- रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के डीटी खटाल के निकट रहने वाले प्रधान यादव ने आत्महत्या के मामले में पुलिस पर तंग करने के मामले में रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने केस के आइओ जमादार लालमोहर पांडेय और उनके सहयोगी जितेंद्र टुडू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, साथ ही थाना प्रभारी निलंबित करने की अनुशंसा जोनल आईजी से की गई है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए हटिया डीएसपी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया है, जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पेशे से ड्राइवर प्रधान यादव ने आत्महत्या के पूर्व पांच पेज का सोसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने यह कदम उठाने के लिए केस के आइओ लाल मोहर पांडेय उनका सहयोगी जितेंद्र टुडू अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है.
5 जून की घटना का किया जिक्र
इस सुसाइड नोट में प्रधान यादव ने लिखा है कि 5 जून 2026 को श्री यादव के बेटे जितेंद्र के साथ उनकी कहासुनी हुई थी. इसके बाद उनके परिवार पर लाठी और तलवार से हमला किया गया. इस हमले में उनकी पत्नी सविता देवी और पिता धुमराज यादव घायल हो गए थे. प्रधान यादव ने आरोप लगाया है कि इस हमले में जितलेश यादव, धर्मेंद्र यादव और चिरईयां सहित अन्य लोगों की भूमिका थी.
घायल हालत में पहुंचे थे थाना
प्रधान यादव ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि घटना के बाद जब वह अपनी घायल पत्नी के साथ खून से लथपथ हालत में धुर्वा थाना पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय उन पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने थाना के लालमोहन पांडेय, टुडू सर और श्री यादव के चार पुत्रों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है.
इधर सोमवार को दिन में प्रधान यादव के घर की महिलाओं और अन्य परिजनों ने उनके शव को धुर्वा थाना के गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
मामले में गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल एएसआई को सस्पेंड कर दिया है.
