रांचीः झारखंड दौरे पर आए सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी पर कोबरा बटालियन के जाबांज जवानों की हौसला आफजाई की और उन्हें सम्मानित भी किया.
डीजी ने रांची में 209 कोबरा के बहादुर जवानों से मुलाकात की और इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में झारखंड पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल की सराहना की.
इस मौके पर झारखंड में तैनात सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस मौके पर बड़ा खाना का आयोजन किया गया. इस खाने में सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान साथ खाना खाये.
मंगलवार को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और मोस्ट वांटेड मिसिर बेसरा को धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती इलाके से गिरफ्तार किया है.
मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. ओडिशा में भी उस पर एक करोड़ बीस लाख रुपए का इनाम था.
झारखंड पुलिस ने बताया है कि बेसरा पर 175 कांड दर्ज हैं. उसके पास से तीन एके 47 के साथ 268 गोलियां, 8 मैगजीन बरामद की गई है.
वह मूल तौर पर गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र स्थित मदनडीह गांव का रहने वाला है.
पारसनाथ पहाड़ी के बाद कोल्हान के जंगलों में उसका लंबे समय तक ठिकाना रहा. कोल्हान के जंगलों में सुरक्षा बलों के नक्सल विरोधी अभियान और घेराबंदी से बचकर वह गिरिडीह के इलाके में जाने की जुगत में जुटा था.
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है.
ऑपरेशन दौरा पहाड़ के तहत सुरक्षा बलों ने बेसरा के चार सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है. इनमें 15 लाख का इनामी मोछू भी शामिल है.
