रांचीः झारखंड में हुए दो सीटों के लिए हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस-राजद और माले के बीच तनातनी और तीखी बयानबाजी के बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव ने संकेत दिए हैं कि क्रॉस वोटिंग करने वालों की कुंडली तैयार है. कार्रवाई भी हो सकती है. जल्दी ही गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी.
महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को प्रेस ने कहा कि बहुत जल्द गठबंधन की उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है, जिसमें इन भितरघातियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
50 एमएलए के नेता राहुल और हेमंत
सुप्रियो भट्टाचार्य ने वोट के आंकड़े की चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड के 81 विधायकों में से 50 विधायकों ने एकजुट होकर कांग्रेस और झामुमो के पक्ष में मतदान किया. इसमें से झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 30 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इन 50 विधायकों के नेता सिर्फ राहुल गांधी और हेमंत सोरेन हैं. वहीं, भाजपा समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को मिले 28 वोटों के नेता पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन हैं.” भट्टाचार्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जो 3 वोट निरस्त (रिजेक्ट) हुए हैं, उनका असली नेता कौन है, यह अभी विचाराधीन है.”
गौरतलब है कि दो सीटों के लिए हिए चुनाव में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित परिमल नथवाणी की जीत हुई है. जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रणव झा चुनाव हार गए हैं. चुनाव नतीजे आने के बाद कांग्रेस के राज्य प्रभारी के राजू और अन्य नेताओं ने राजद और माले पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया है. राजद के पास चार तथा माले के पास दो विधायक हैं.
नीट पर सुप्रियो ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
झामुमो नेता ने नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर भी केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला.
उन्होंने परीक्षा में वायुसेना के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सेना का इस्तेमाल देश में किसी बड़ी राष्ट्रीय आपदा के वक्त होता है. क्या अब देश में परीक्षा कराना भी आपदा बन गया है?
केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए झामुमो नेता ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्रालय एक परीक्षा ढंग से कराने में सक्षम नहीं है, तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर रहने का कोई हक नहीं है. उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए था.
झामुमो महासचिव ने आगे कहा कि केंद्र सरकार अपने मंत्रियों को बचाने के लिए देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है, जिसके चलते अब तक 17 से ज्यादा छात्र खुदकुशी कर चुके हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में कैट की परीक्षा एनआईए कराएगी, यूपीएससी की जांच ईडी ) करेगी और इंजीनियरिंग परीक्षाओं का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया जाएगा. केंद्र सरकार देश की लोकतांत्रिक और संस्थागत आस्था को पूरी तरह नष्ट करने पर तुली है.
