रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है.
इससे पहले बुधवार की शाम रांची के एसडीओ और एडीएम सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलकर वार्ता की पेशकश की थी. दोनों अधिकारियों ने पांच लोगों का एक प्रतिनिधमंडल लेकर चलने को कहा था.
वैसे सरकार की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वार्ता कहां पर होगी और कब होगी.
सरकार के कई मंत्रियों का अलग-अलग बयान जरूरत आ रहा है कि सरकार वार्ता करने के लिए तैयार है. साथ ही छात्रों के सवाल पर सरकार संवेदनशील भी है.
सरकार की तरफ से इस पेशकश के बाद छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने की तैयारी की है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह सूची एसडीओ को सौंप दी गई है.
हालांकि सरकार छात्रों के अलावा किसी दूसरे से बातचीत के लिए तैयार नहीं है. दरअसल इस प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकार और एक वकील के नाम सामने आ रहे हैं.
सरकार का तर्क है कि छात्रों से बात करने के लिए वह तैयार है, पर बाहर के लोगों के साथ नहीं. इस पर छात्र भी अड़े हुए हैं
आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार से बातचीत के लिए पूरी तैयारी के साथ जाएंगे, लेकिन वार्ता पारदर्शी और सार्वजनिक होनी चाहिए. इसके लिए प्रतिनिधिमंडल की सूची भी जारी कर दी गई है, जिसमें आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा एक कानूनविद और दो पत्रकारों को भी शामिल करने की बात सामने आ रही है.
हालांकि, ये तीन लोगों को केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में शामिल किया गया है. बैठक के दौरान किसी भी मुद्दे, मांग या तथ्य को केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.
आठ छात्र होंगे प्रतिनिधिमंडल में
छात्रों की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र शामिल किए गए हैं. इनमें रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं.
आंदोलनकारी छात्रों ने कहा है कि सरकार के समक्ष आंदोलन से जुड़ी सभी मांगें, तथ्य और सुझाव केवल यही छात्र प्रतिनिधि प्रस्तुत करेंगे.
छात्रों का तर्क है कि आंदोलन पूरी तरह छात्रों का है और इसकी आवाज भी छात्र ही बनेंगे. इसलिए सरकार के साथ होने वाली बातचीत में किसी अन्य व्यक्ति की ओर से मांगें या पक्ष नहीं रखा जाएगा.
प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) को रद्द करना, कथित गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच कराना और जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर सुधार करना शामिल है.
इसके साथ ही छात्र जेएसएसी-सीजीएल की परीक्षा की भी जांच की मांग कर रहे हैं.
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी है. सीआईडी अब तक इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
इनमें गलत तरीके से जेपीएससी की पीटी पास करने वाले चार अभ्यर्थी भी शामिल है.
