रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में जारी छात्रों के आंदोलन के बीच सोशल एक्टिविस्ट, भारत जोड़ो अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेपीएससी 14वीं वीं पीटी परीक्षा रद्द करने और राज्य की भर्ती व्यवस्था में बड़े बदलाव करने की मांग की है.
इस पत्र को उन्होंने सोशल मोडिया के अकाउंट एक्स पर भी साझा किया है. उन्होंने कहा है, आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की पीड़ा सच है और युवाओं का गुस्सा वाजिब. उनकी मुख्य मांगें भी तर्कसंगट हैं. यह मामला किसी एक परीक्षा या एक अनियमितता तक सीमित नहीं है. यह सरकारी भर्ती व्यवस्था की गहरी खामियों के खिलाफ लंबे समय से चले आ रहे असंतोष की अभिव्यक्ति है.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आंदोलन को दबाने के बजाय छात्रों से बातचीत का रास्ता चुना है, जो अच्छी पहल है. पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाया गया, मामले की जांच चल रही है, जेपीएससी अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई. लेकिन सिर्फ इतने से युवाओं का भरोसा वापस नहीं आएगा. इसके लिए भर्ती व्यवस्था में बड़े और ठोस सुधार करने होंगे.
योगेंद्र यादव ने रखीं चार प्रमुख मांगें
- जेपीएससी 14वीं पीटी समेत उन सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए, जिन पर गड़बड़ी के आरोप हैं और जिनका अंतिम परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है.
- जेपीएससी और जेएसएससी की सभी भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा कर हर साल का तय परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए और समय पर पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां हों.
- पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के आरोपों की जांच पूर्व न्यायाधीशों और निष्पक्ष लोगों की समिति से कराई जाए, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा लौट सके.
- सरकारी नौकरियों में स्थानीय और आदिवासी-मूलवासी अभ्यर्थियों को मिलने वाले प्रतिनिधित्व से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन किया जाए.
पत्र के आखिर में योगेंद्र यादव ने कहा कि झारखंड और झारखंड मुक्ति मोर्चा दोनों आंदोलनों से निकले हैं. इसलिए सरकार को इस आंदोलन को टकराव की तरह नहीं, बल्कि युवाओं के लोकतांत्रिक संदेश के रूप में देखना चाहिए और ऐसा फैसला लेना चाहिए जिससे युवाओं का सरकारी संस्थाओं पर भरोसा और मजबूत हो.
