रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के कार्यालय में मंगलवार को सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की है.
आयोग कार्यालय में छापेमारी के बाद जांच की आंच परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी तक पहुंच गई है. सीआईडी की टीम ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है.
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एजेंसी से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही जांच टीम ने एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया है.
छापेमारी के दौरान टीम ने पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कागजात बरामद किए हैं. बरामद सामान को जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है.
उधर सीआईडी की टीम ने जेपीएससी की असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता से भी कई तथ्यों के जवाब मांगे. और इसके बाद हिरासत में ले लिया.
जेपीएससी दफ्तर में भी छापा
इससे पहले जांच को लेकर सीआईडी की टीम ने जेपीएससी कार्यालय को खंगाला. सीआईडी की टीम ने जेपीएससी की असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता से भी कई तथ्यों के जवाब मांगे.
वहां जांच टीम के पहुंचते ही कार्यालय को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और किसी भी तरह की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी गई.
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई आयोग से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर की गई है.
पुलिस और सीआईडी की टीम ने आयोग के संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल की.
जांच टीम ने कार्यालय में मौजूद महत्वपूर्ण फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की है. फिलहाल जांच एजेंसियों ने कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन दस्तावेजों की पड़ताल जारी है.
इन दिनों 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
सबसे अधिक विवाद परीक्षा के कट ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर है, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए.
बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. हालांकि मामला केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा. अभ्यर्थियों ने इस संबंध में राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी.
उनका आरोप था कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गईं. इसके बाद इस मामले में कई राजनीतिक दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है.
इसी बीच सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सुर्खियों में है.
