रांचीः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर आयोग के सभी सदस्यों को पद मुक्त करने की मांग की है. इसके साथ ही परीक्षा में हुई गड़बड़ी की सीबाआइ जांच कराने और दोषियों को जेल भेजने की मांग दोहराई है.
एक प्रेस कांफ्रेंस में मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी के लोग पहले खुद सरकारी नौकरियों में ज्वाइनिंग ले चुके थे. और राज्य सरकार के कई पदों पर पदस्थापित रहते हुए सीटें बेचने का काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ परीक्षाओं में धांधली नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ सुनियोजित खिलवाड़ है.
युवा भविष्य बचाने की लड़ाई लड़ रहे
मरांडी ने झारखंड के युवाओं के भविष्य पर चिंता जताते हुए कहा कि रांची में आंदोलन कर रहे युवा सिर्फ अपने अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्य के भविष्य को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
इस संघर्ष के साथ राज्य की चार करोड़ जनता की भावनाएं और समर्थन जुड़ा हुआ है. इसके साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी की इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी को बेहद शर्मनाक करार दिया.
गौरतलब है कि जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं. बुधवार को रांची में छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और अलबर्ट एक्का चौक के सामने प्रदर्शन किया,। छात्रों के इस आंदोलन को भाजपा ने भी समर्थन दिया. भाजपा के कई नेता देर शाम जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया.
सीआइडी जांच जारी
जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच अपराध अनुसंधान विभाग की एसआईटी कर रही है. आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, पोड़ैयाहाट के एमओ अभय तिवारी और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े आठ (कुल 10) लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है. इसी मामले में जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने पद से इस्तीफा दिया है. सीआइडी उनसे भी पूछताछ कर रही है.
