रांचीः पूर्व मख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक खुला पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि सरकार छात्रों को भरोसा दिलाए कि उनका भविष्य सुरक्षित है. इसके साथ ही उन्होंने पूछा है कि सरकार जेपीएससी, जेएसएसी की परीक्षाओं की सीबीआइ जांच से क्यों बच रही है.
रघुवर दास ने कहा है, “झारखंड में कई दिनों से आंदोलनरत छात्रों की दुर्दशा देखकर व्यथित मन से मैं यह पत्र लिख रहा हूं. ऐसा नहीं है कि मैं यह पत्र पूर्व मुख्यमंत्री के नाते या किसी अन्य राजनीतिक मंशा से लिख रहा हूं, बल्कि छात्रों के इस आंदोलन को देखकर मुझे अपने छात्र जीवन और उससे जुड़े आंदोलन की याद आ गयी. इसलिए सोचा कि क्यों न आपसे उनकी जायज और जरूरी मांगों को लेकर बात करूं.”
74 के छात्र आंदोलन की चर्चा
रघुवर दास ने कहा है, “मैं भी 1974 के छात्र आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़ा था और वहीं से मेरे जीवन की राजनीतिक यात्रा की शुरूआत हुई. इसलिए छात्रों का दुख दर्द भलि-भांति समझता हूं, उनकी अपेक्षाओं को जानता हूं. झारखंड के छात्र कॉलेज और कक्षाओं को छोड़कर यूं ही सड़कों पर नहीं उतरें हैं, बल्कि विगत पांच-छह वर्षों से जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल की परीक्षाओं में घोर अनियमितता बरती जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हुए हैं. फिर आप जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने से क्यों कतरा रहे हैं?”
अविलंब वार्ता करें
रघुवर दास ने आग्रह किया है कि छात्रों का आंदोलन समाप्त कराने के लिए मुख्यमंत्री गंभीर और सार्थक पहल करें. उनके प्रतिनिधियों से सरकार बातचीत कर उनकी मांगों पर त्वरित और उचित कदम उठाये। छात्रों को भरोसा दिलाये कि झारखंड में उनका भविष्य पूर्णतः सुरक्षित है.
