रांचीः रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में शुक्रवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन गरिमापूर्ण माहौल में हुआ. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इससे पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया.
स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास को गति देने, परीक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्तियों व रोजगार, नई कृषि अर्थव्यवस्था, महिलाओं को तरक्की की अगली कतार में लाने पर चर्चा की.
झारखंड लोक सेवा आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के जारी आंदोलन और जेपीएससी की परीक्षा में जारी जांच के बीच मुख्यमंत्री ने मोराबादी मैदान से छात्रों, युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही तय करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी सहित राज्य की सभी प्रमुख नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवाओं को अवसर मिले और उनकी ऊर्जा राज्य निर्माण में लगे. उन्होंने युवाओं से कहा कि सरकार केवल उनके सपनों की रक्षा करने की जिम्मेदारी नहीं लेती, बल्कि उनका विश्वास जीतना भी चाहती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह झारखंड के प्रत्येक विद्यार्थी को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि उनकी मेहनत को किसी भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा.
उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं, जो पूरे देश के सामने एक चुनौती है. हालांकि, दूसरे राज्यों में क्या हुआ, उससे झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती.
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की घोषणा
युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसके तहत समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और चरणबद्ध परीक्षा प्रणाली, उत्तर-कुंजी एवं ओएमआर की समयबद्ध उपलब्धता तथा परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को ऐसी बनाना चाहती है, जिस पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ समाज का विश्वास भी कायम हो. परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें गड़बड़ी की गुंजाइश ही कम हो.

सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां समय पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी सहित राज्य की सभी प्रमुख नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवाओं को अवसर मिले और उनकी ऊर्जा राज्य निर्माण में लगे. उन्होंने युवाओं से कहा कि सरकार केवल उनके सपनों की रक्षा करने की जिम्मेदारी नहीं लेती, बल्कि उनका विश्वास जीतना भी चाहती है.
हुनर से विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार का जोर स्थानीय संसाधनों, लघु उद्योग, पारंपरिक हुनर, कृषि, वनोपज, महिला समूहों और युवाओं की क्षमता को आर्थिक शक्ति में बदलने पर है. उन्होंने कहा कि राज्य ऐसा मॉडल विकसित करना चाहता है, जिसमें विकास के साथ सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत का संतुलन बना रहे.
कृषि अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आर्थिक शक्ति केवल बड़े उद्योगों में नहीं, बल्कि लाखों छोटे किसानों, बुनकरों, कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों में भी है. सरकार कृषि, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, लाह, तसर, मिलेट, औषधीय पौधों और लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नयी गति देना चाहती है.
उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में करीब 2.15 लाख एकड़ भूमि पर हरित खेती को बढ़ावा दिया गया है और लगभग 7 लाख परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित कृषि और बाजार से जुड़ा उद्यमी बनाना है.
महिलाओं को विकास से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का उल्लेख किया. ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए प्रति माह 2,500 रुपये की सहायता दी जा रही है. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की बात कही.
