दुमका. 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को झारखंड की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झंडोत्तोलन किया. इससे पहले उन्होंने परेड निरीक्षण किया.
अपने संबोधन में राज्यपाल ने झारखंड के विकास, युवाओं, किसानों, महिलाओं, जनजातीय समाज, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा.
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है. योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना, प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाना सुशासन की असली पहचान है.
राज्यपाल संतोष कुमार ने कहा कि इस राज्य और देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है. राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर देने होंगे. जनजातीय एवं वंचित समाज के विकास को प्राथमिकता देनी होगी तथा युवाओं के सपनों, प्रतिभा एवं परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के हरसंभव अवसर उपलब्ध कराने होंगे.
परीक्षाओं में पारदर्शिता जरूरी
प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर राज्यपाल ने कहा, “परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्र लीक, कदाचार अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती. ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं. उन्होंने परीक्षा प्रणाली की कमियों की समीक्षा कर उन्हें दूर करने और अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपेक्षा जतायी.”
राज्यपाल ने झारखंड में महिला सशक्तिकरण के साथ प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य केवल खनिजों की धरती नहीं है, बल्कि घने जंगलों, पहाड़ों, झरनों, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध है. इको-टूरिज्म योजना के तहत 13 स्थानों पर पार्कों का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है.
देश और राज्य के विकास में भागीदारी
राज्यपाल ने लोगों से देश और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचार झारखंड को विकास की नई दिशा दे सकते हैं. बेटियों, जनजातीय एवं वंचित समाज तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर ही मजबूत और विकसित झारखंड का निर्माण किया जा सकता है.
