रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ 22 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने लड़ाई को धार देने के लिए एक और मोर्चा खोल दिया है. शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा के बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की है.
रांची जेपीएससी जेएसएसी रिफॉर्म मंच ने मीडिया को बताया है कि सीएम हेमंत सोरेन 18 अगस्त तक पद से इस्तीफा नहीं देते और उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो सीएम आवास का घेराव किया जाएगा.
छात्रों ने राहुल गांधी से कहा है कि कांग्रेस राज्य सरकार समर्थन वापस ले नहीं तो कांग्रेस के खिलाफ भी बड़ा आंदोलन होगा.
छात्रों ने रविवार, 16 अगस्त को झारखंड के सभी जिलों में मुख्यमंत्री और राहुल गांधी का पुतला दहन करने का एलान किया है. इसके साथ ही कहा हैं कि अकाउंटेबिलिटी तय होनी चाहिए.
परीक्षाओं को रद्द कर सीबीआइ जांच की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग जेपीएससी और जेएसएसी से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर है. छात्रों का कहना है कि जिन परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उन्हें रद्द किया जाना चाहिए.
साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग भी वे जोर देते रहे हैं. छात्र नेताओं ने एक बार फिर कहा है कि सरकार जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा.
गौरतलब है कि सरकार ने इस मसले को सुलझाने के लिए चार मंत्रियों की कमेटी गठित की है. इस कमेटी ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की वार्ता की है. लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकला है.
विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री ने जेपीएससी की 14वीं परीक्षा के साथ बैकलॉग परीक्षा रद्द करने की भी घोषणा की है.
जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच के लिए सरकार ने सीआइडी को जिम्मेदारी दी है. सीआइडी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते , परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 22 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है. इनमें गलत तरीके से जेपीएससी की परीक्षा पास करने वाले कई अभ्यर्थी और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल हैं. हालांकि, आंदोलनरत छात्रों को सीआइडी जांच पर भरोसा नहीं है.
