रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ 23 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के उबाल खाने के बीच सरकार ने एक बार फिर छात्रों से वार्ता की पेशकश की है. आंदोलनरत छात्रों को 17 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया गया है.
यह प्रस्ताव लेकर रांची के सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे थे.
इस बार छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ वार्ता में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है.
इससे पहले सरकार के मंत्रियों ने छात्रों के साथ किसी विधिक सलाहकार के आने पर साफ मना कर दिया था.
अधिकारियों ने छात्रों को समझाया कि बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है. छात्रों ने उनकी बातों को ध्यान से सुना.
इस बीच छात्र नेता रविंद्र पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा है, “वार्ता में हमलोग जाएंगे. लेकिन हमलोग ये समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या सरकार की मंशा हमारी मांगों के प्रति सकारात्मक है. हमारे चार साथी अनशन पर हैं. दो अस्पताल में भर्ती हैं. सरकार इस कोशिश में जुटी है कि आंदोलन को अलग-थलग कर दें. सरकार हमारी मांगों पर राजनीति नहीं करे. किताबों में हमलोग ने राजनीति बहुत पढ़ी है. हम तमाम साथी एकजुट हैं. अगर हमारी जायज मांगों को नहीं माने, तो बीस अगस्त को सीएम आवास घेराव में अपनी ताकत दिखाएंगे.”
गौरतलब है कि रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 23वें दिन भी जारी है.
पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया, परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्र अड़े हुए हैं. इन सबके बीच छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का निर्णय लिया है.
इसके साथ ही जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म मंच ने सीएम से इस्तीफे की मांग की है.
आंदोलन को तेज करने के लिए रविवार को छात्रों ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला जलाया. इस दौरान छात्र रोषपूर्ण नारेबाजी करते रहे.
