रांचीः जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के बाद सरकार के रुख के खिलाफ शुक्रवार को छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम में पुलिसिया बर्ताव और गिरिडीह और रांची में पिटाई को लेकर प्रदेश में मुख्य विपक्ष भाजपा आग बबूला है.
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने रांची में एक प्रेस कांफ्रेंस में छात्रों पर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा हुए हमले एवं बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की भर्त्सना करते हुए झारखंड में पिछले 6 वर्षों में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल सहित सभी आयोजित भर्ती परीक्षा की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार आपातकाल की हालात बना रही है. जब पूरे देश में रांची के आंदोलन को समर्थन मिलने लगा तो सरकार ने फूट डालो और राज करो की नीति को अपनाते हुए छात्रों को धोखा दिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि एक षड्यंत्र के तहत सरकार ने परीक्षा को रद्द किया लेकिन उसके बचाव में कोर्ट में दलील देने हेतु राज्य के महाधिवक्ता को कोर्ट नहीं भेजकर एक जूनियर वकील को भेज दिया. सरकार की इस चाल को राज्य की जनता समझ चुकी है.
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, झारखंड में खून बहा है, यहां भी छात्रों के हाथ पैर टूटे हैं, लेकिन उनके मुंह से उफ तक न निकला. राहुल गांधी को को छात्र आंदोलन से केवल राजनीतिक लाभ लेना है. इसलिये वे दिल्ली तो गए लेकिन झारखंड जहां झामुमो- कांग्रेस सरकार है वहां नहीं आये. राहुल गांधी अगर इतने ही छात्र हितैषी हैं तो राँची आकर झारखंड के छात्रों के आंदोलन के साथ खड़े हों सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करें.
पूर्व जेपीएससी सदस्य नीलिमा केरकेट्टा के पत्र का क्या हुआ
रक्षा राज्यमंत्री ने पूछा कि पूर्व जेपीएससी सदस्य नीलिमा केरकेटा के द्वारा 2024 में सरकार को जेपीएससी में व्याप्त घोटाले एवं खामियों को लेकर आगाह किया गया था, सरकार उस पत्र को क्यों दबा कर बैठी हुई है. सरकार की क्या मजबूरी है और किसका दबाव है. जेपीएससी की एक पूर्व सदस्य झामुमो के महासचिव की पत्नी हैं. कहीं सरकार इन्हें बचाने की कोशिश तो नहीं कर रही है.
बाबूलाल बोले-राहुल चुप क्यों हैं
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो कार्यकर्ताओं के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों की कथित पिटाई को निंदनीय और शर्मनाक बतलाया है.
मरांडी गिरिडीह में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे.
मरांडी ने कहा कि गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों को झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, हजारीबाग, रांची सहित अन्य जगहों में भी इसी तरह की तस्वीर दिखी.
लाठी डंडे से लैस झामुमो के कार्यकर्ता आतंक मचाते दिखे. रांची में तो बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया। रामगढ़ में जेएमएम के नेता खुलेआम कहते हैं कि जो लोग भी सीएम का पुतला दहन करेगा उसको पटक-पटककर मारेंगे. सभी जगहों का वीडियो फुटेज है, जिनमें साफ दिखाई पड़ रहा है कौन लोग लाठी झंडा लेकर छात्रों को पीट रहे हैं.
मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को लोकतांत्रिक रूप से आंदोलन करने का हक है. अपने हक अधिकार के लिए लोग आंदोलन करेंगे, सड़क पर निकलेंगे, पुतला दहन करेंगे, जिंदाबाद मुर्दाबाद भी करेंगे.
उन्होंने राहुल गांधी को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे तो अपने आप को शांतिपूर्ण आंदोलन के पक्षधर बताते रहे हैं फिर झारखंड में अपनी सरकार के लोगों के इस रवैये पर वे क्यों चुप हैं. क्यों छात्रों पर हो रहे इस जुल्मो सितम की गूंज उनके कानों तक नहीं पहुंच पा रही.
