रांचीः झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता मिथिलेश ठाकुर ने कहा है कि छात्र आंदोलन को लेकर उपजे विवाद में बीजेपी ही भड़का रही है.
रांची में एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने छात्रों की आड़ में बीजेपी पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग जायज थी और आंदोलन को झामुमो समेत इंडिया अलायंस के दलों का नैतिक समर्थन मिला था.
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच की प्रक्रिया शुरू की है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने जेपीएससी तथा जेएसएससी से जुड़ी 22 परीक्षाओं को रद्द किया है.
कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई
छात्रों के खिलाफ एफआईआऱ को लेकर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि जो लोग कानून अपने हाथ में लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने के लिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये की फंडिंग की गई है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कोर्ट के आदेश पर भी बोले
जेपीएससी और अन्य परीक्षाओं को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि अदालत ने अंतिम फैसला नहीं दिया है, बल्कि फिलहाल स्टे दिया है. उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत में अपना पक्ष रखा है और सरकार निर्धारित समय में अपना जवाब दाखिल करेगी.
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है, उन्हें अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया गया है. अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है और लाभ की वसूली भी की जा सकती है.
गिरिडीह-गढ़वा की घटना पर भाजपा पर आरोप
शुक्रवार की शाम सरकार का पुतला जलाने को लेकर हुए विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि गिरिडीह और गढ़वा में झामुमो और छात्रों के बीच हुई मारपीट पर मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि झामुमो की ओर से कार्यकर्ताओं को छात्रों के खिलाफ जाने का कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया गया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार की घटना भाजपा की सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी.
मिथिलेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी, संजय सेठ और बीडी राम जैसे नेता छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं.
इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और सरकार की ओर से लिए गए फैसलों को समझें.
