आईआरटीसी होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू यादव उनकी पत्नी, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ धनशोधन के आरोप तय कर दिए हैं.
अदालत ने इस मामले में सात आरोपियों को आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया है. अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से लालू यादव के रेल मंत्री रहते पद के दुरुपयोग और अपराध से अर्जित आय को लेकर मजबूत संदेह पैदा होता है.
इससे पहले आईआरसीटीसी से जुड़े कथित घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के केस में पूर्व रेल मंत्री लालू, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और चार अन्य के ख़िलाफ़ कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था.
गौरतलब है कि इससे पहले इसी मामले से जुड़े सीबीआई केस में भी अदालत लालू, राबड़ी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी है. मामले में फिलहाल ट्रायल चल रहा है.
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रेलवे के रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के टेंडरों में कथित तौर पर गड़बड़ी कर एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया. जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की प्रक्रिया में नियमों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गईइसी के बदले में पटना में जमीन की कथित लेन-देन की कड़ी सामने आई.
इस बीच ईडी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कार्रवाई के बारे में जानकारी दी है.
