चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को जारी प्रेस नोट में कहा कि आयोग के सदस्यों की ओर से उठाई गई टिप्पणियां, सुझाव और सवाल उसकी सामान्य आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं. साथ ही किसी भी फैसले से पहले अलग-अलग राय और सुझाव देना सामान्य बात है.
आयोग ने अपने बयान में कहा कि इनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को और बेहतर, पारदर्शी और कानून के अनुसार बनाना है.
आयोग के अनुसार, किसी भी अंतिम फैसले से पहले अलग-अलग राय और सुझाव देना सामान्य बात है. आयोग के तीनों आयुक्तों के अलावा उसके अधिकारी भी चुनाव व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव दे सकते हैं.
एक खोजी रिपोर्ट से हलचल
दरअसल, अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक खोजी (इनवेस्टिगेटिव) रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने बीते कुछ महीनों के दौरान कई मुद्दों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से असहमति जताई है.
आयोग के अनुसार, किसी भी अंतिम फैसले से पहले अलग-अलग राय और सुझाव देना सामान्य बात है. आयोग के तीनों आयुक्तों के अलावा उसके अधिकारी भी चुनाव व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव दे सकते हैं.
ईसीआई ने कहा कि पिछले 10 महीनों की कुछ आंतरिक टिप्पणियों को अलग से देखने से पूरी तस्वीर सामने नहीं आती. आयोग के मुताबिक, पिछले एक साल में करीब 40 नई पहल शुरू की गईं और कई चुनाव सुधार किए गए.
इनमें देशभर में मतदाता सूची का संशोधन और विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) भी शामिल है.
आयोग ने बताया कि बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में हाल में चुनाव कराए गए. आयोग ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट की सुरक्षा को लेकर भी कहा कि वहां डेटा सुरक्षा और ऑडिट की व्यवस्था लागू है.
ईसीआई ने कहा कि वह संविधान के तहत अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है.
मचा है सियासी हंगामा
इस रिपोर्ट के बाद राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया है और विपक्ष के नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और चुनाव अधिकारियों के लिए कहा है कि वो ग़लत कर रहे हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर एक वीडियो जारी किया.
वीडियो में राहुल गांधी कह रहे हैं, “मैं चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों को साफ़ कह रहा हूं कि आप जो कर रहे हो, ग़लत कर रहे हो. ये राजद्रोह है.”
उन्होंने कहा, “टाइम आएगा…हम आपको पकड़ेंगे. बचने वाले नहीं हो.”
राहुल गांधी ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “वोट चोरी भारतीय लोगों के ख़िलाफ़ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है. ऐसा कराने वाली बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग ने राजद्रोह का काम किया है. न्याय होगा.”
गौरतलब है कि इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट सामने आने के बाद कई विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है.
