कोडरमाः झारखंड में कोडरमा जिले के सतगांवा प्रखंड के हाई स्कूल के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने दूसरे दिन भी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
इससे पहले बुधवार को स्कूल से जुलूस की शक्ल में निकले सैकड़ों बच्चों ने कड़ी धूप में तीन किलोमीटर तक चलकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे और वहां सभा की. अधिकारियों से सवाल-जवाब किए.
अधिकारियों के आश्वासन पर छात्र-छात्रा भरोसा नहीं कर रहे और अपनी मांगों का तत्काल समाधान चाहते हैं.
स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी और खराब बुनियादी ढांचे के विरोध में छात्र-छात्राएं विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे स्कूल में तत्काल एक क्लर्क की पोस्टिंगग की भी माग कर रहे.
इस बीच डीईओ से वार्ता के बीच छात्र प्रतिनिधियों ने आंदोलन को स्थगित किया है. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा है कि 15 दिनों में हालात नहीं सुधरे, तो अगली दफा जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा. डीईओ ने फोन पर छात्रों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की. छात्रों ने कहा शिक्षकों का पदस्थापन करना ही होगा.

2900 बच्चे आठ शिक्षक
छात्रों की मांग है कि जिस स्कूल में ढाई हजार से ज्यादा बच्चे हैं वह सिर्फ आठ शिक्षकों के भरोसे चल रहा. कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं केवल चार महीने दूर हैं. ऐसे में उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है.
छात्रों के अनुसार, कक्षा 9 और 10 में अंग्रेजी, इतिहास, संस्कृत, जीव विज्ञान और अर्थशास्त्र के लिए कोई शिक्षक नहीं हैं. कक्षा 11 और 12 में इतिहास, रसायन विज्ञान, गणित, हिंदी और संस्कृत के लिए शिक्षक नहीं हैं. कई शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति दूसरे विद्यालय में कर दी गई है.
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि विद्यालय और शिक्षा विभाग को उन्कहोंने कई दफा लिखित अनुरोध प्रस्तुत किए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. इस दौरान छात्रों का गुस्सा जनप्रतिनिधियों के प्रति भी झलकता रहा.

रिक्त पदों को भरने के बजाय
उन्होंने आरोप लगाया कि रिक्त पदों को भरे बिना ही मौजूदा शिक्षकों का तबादला किया जा रहा है. छात्रों ने कक्षाओं की छतों से पानी टपकने, असुरक्षित परिस्थितियों, अपर्याप्त जगह और फर्नीचर की भारी कमी की भी शिकायत की. कुछ कक्षाओं में कथित तौर पर आठ छात्रों को एक ही बेंच साझा करनी पड़ती है. इससे भी छात्रों में गुस्सा है.
बुधवार को बीडीओ मनोज कुमार रवि, बीईपीओ अशोक उपाध्याय और डीईओ मुकुल राज ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की. हालांकि, छात्रों ने शुरू में मौखिक आश्वासनों को नकार दिया और मांग की कि कोडरमा के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता स्कूल का दौरा करें और ठोस आश्वासन दें.
इसके बाद डीईओ भी पहुंचे. उन्होंने छात्रों की बातें सुनी और प्रशासन का पक्ष रखा. प्रदर्शनकारी छात्र वापस घरों को लौटे. इस बीच गुरुवार को फिर छात्र-छात्राओं ने जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल दिखीं. वे धूप में हलकान रहे. इसके बाद भी उनके चेहरे पर गुस्से साफ नजर आए.
इस बीच जिला प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान लिया है और त्वरित कार्रवाई के लिए शिक्षा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
