रांचीः झारखड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत में राज्य की जेलों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को लेकर सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है.
नियुक्ति के संबंध में दाखिल जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। कोर्ट के आदेश के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई.
अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य के गृह सचिव और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव को शोकाज नोटिस जारी किया है.
अदालत ने कहा कि पूर्व में छह माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन सरकार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के बजाय समय की मांग कर रही है.
अदालत ने दोनों से पूछा गया है कि क्यों नहीं आदेश के अनुपालन में देरी के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि जेएसएससी को नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है.
अदालत ने दोनों से पूछा कि उसके पूर्व आदेशों का अब तक पालन क्यों नहीं किया गया. खंडपीठ ने अधिकारियों को 15 अक्टूबर तक अपना स्पष्टीकरण दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी.
