रांचीः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की गिरफ्तारी के बाद झारखंड सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि झारखंड शराब घोटाले का तार सीधे सरकार से जुडा है.
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि अगर वे (हेमंत सोरेन) इस मामले में पाक साफ हैं, तो सीबीआई जांच की अनुशंसा करें.
बाबूलाल मरांडी का कहना है कि शराब घोटाला दो राज्यों (झारखंड और छत्तीसगढ़) से जुड़ा हुआ है. इसलिए राज्य सरकार इसकी जांच सीबीआई से कराने की अविलंब अनुशंसा करे.
साल 2022 में सीएम को लिखा था पत्र
बुधवार को पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने कहा, “शराब घोटाले की परत जिस तरह से खुल रही रही है, उससे स्पष्ट है कि झारखंड में दिल्ली से भी बड़ा शराब घोटाला हुआ है. इस घोचाले को लेकर मैंने 19 अप्रैल 2022 को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड उत्पाद विभाग के पदाधिकारियों द्वारा झारखंड राज्य बीवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड की निविदा जेसीबीसीएल /02 दिनांक 01 अप्रैल 2022 में अंकित बिंदुओं की अवहेलना कर एक साजिश के तहत छत्तीसगढ़ की विशेष कंपनी को टेंडर देने एवं उससे होने वाले भारी राजस्व की क्षति की ओर ध्यान आकर्षित कराया था. इसके बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई.”
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार को पत्र लिखने के बावजूद संज्ञान नहीं लिया. दरअसल उन्हें पता था कि गड़बड़ी हो रही है, लेकिन गड़बड़ी रोकने की बजाय उसमें अधिकारियों का साथ दिया और उससे होने वाली कमाई का लाभ भी लिया. बाबूलाल ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ की जिन कंपनियों के नाम पत्र में लिखे थे, उनकी निविदा मंजूर की गयी. उसे काम भी मिला.
एक ही दिन एफआईआर और गिरफ्तारी
बीजेपी नेता ने कहा कि झारखंड सरकार के कान तब खड़े हुए, जब 27 सितंबर 2024 को अखबार में खबर छपी कि शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ में झारखंड के आईएएस अधिकारी विनय चौबे पर मुकदमा दर्ज हुआ है. इसलिए आनन-फानन में अक्टूबर 2024 में प्राइमरी इन्क्वायरी (पीई) सेटअप की गई. लेकिन इस समय भी एफआइआर दर्ज नहीं हुआ. इससे स्पष्ट है कि घोटाले पर पर्दा डालने और बड़ी मछलियों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कार्रवाई के बाद हड़बड़ी ने जांच प्रारंभ हुई.
मरांडी ने कहा, ध्यान देने वाली बात है कि कल ही एसीबी ने विनय चौबे पर एफआईआर दर्ज किया और गिरफ्तार कर लिया.
उन्होंने कहा, “शराब घोटाले से जुड़ा एक और मामला है जिसमें दो प्लेसमेंट एजेंसियों ने फर्जी बैंक गारंटी जमा किया. कोर्ट में भी फर्जी ही जमा किया. लेकिन अभी तक विभाग ने एफआईआर दर्ज नहीं की है और न ही कोई कार्रवाई की. कंपनी ने बिना टेंडर के दुकानें बांट दी. इससे स्पष्ट है कि सभी मिले हुए हैं.”
मरांडी ने पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे की अस्वस्थता पर भी चिंता व्यक्त की तथा सरकार से उनकी चिकित्सा एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है.
