नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 900 के पार पहुंच गई है. राहत और बचाव अभियान के दौरान शवों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 903 शव बरामद किए जा चुके हैं.
इनमें सबसे ज्यादा 272 शव दक्षिणी चितवन जिले में मिले हैं, जहां प्रशासन को उन्हें संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
एनडीआरआरएमए के मुताबिक, अब भी 4,247 लोग लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 933 कर्मचारी भी अब तक संपर्क में नहीं आए हैं.
अधिकतर शवों को दफनाया गया
चितवन के स्थानीय अधिकारियों ने बाद में बरामद ज़्यादातर शवों को देवघाट में दफना दिया, जो काली गंडकी और त्रिशूली नदियों का संगम स्थल है, ताकि जिले में बीमारियों के फैलने का खतरा न रहे। जिला प्रशासन कार्यालय चितवन के अनुसार, शवों को दफनाने से पहले अधिकारियों ने उनके डीएनए नमूने एकत्र किए, ताकि भविष्य में उनकी पहचान करने में मदद मिल सके.
एनडीआरआरएमए ने बताया कि कई अन्य अज्ञात शव अलग-अलग जिलों के 21 अस्पतालों में रखे गए हैं. प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके किसी परिजन का अब तक कोई पता नहीं है, तो वे पहचान के लिए सरकारी रिकॉर्ड की जांच करें.
अधिकारियों की टीमें, भारतीय और चीनी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. नेपाल-चीन सीमा के आसपास प्रभावित इलाकों में आपदा आने के बाद से नेपाल सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल के कई जवानों और अन्य सरकारी कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है.
10 हजार लोगों को बचाया गया
इस आपदा में 267 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 156 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
एनडीआरआरएमए के अनुसार, अब तक कुल 10,451 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. इनमें 252 विदेशी नागरिक और 3,344 नेपाली नागरिक शामिल हैं, जिन्हें नेपाल सेना ने हवाई बचाव अभियानों के जरिए सुरक्षित निकाला. अधिकारियों ने बताया कि खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए अब तक 20,819 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
