एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप को लेकर झारखंड की राजधानी रांची अपनी मेजबानी को लेकर उत्साहित है. इसी कड़ी में शनिवार को डूरंड कप की ट्रॉफी रांची पहुंची. रांची के दीपाटोली कैंट में डूरंड कप की ट्रॉफी को लाया गया.
डूरंड कप के 135वें संस्करण के तहत रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 26 जुलाई से मुकाबले खेले जायेंगे.
समारोह में जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने कहा कि ये एशिया के सबसे प्राचीन टूर्नामेंट में एक था. पिछले साल जमशेदपुर में इसका सफल आयोजन हो चुका है. पहली बार रांची को इसकी मेजबानी का मौका मिला है.
रांची को पहली बार मिली मेजबानी
नोडल ऑफिसर रांची, कर्नल हेमचंद्रा ने कहा, कि ये हमारे लिए गर्व की बात है कि पहली बार रांची को इस टूर्नामेंट के आयोजन का मौका मिला. उन्होंने कहा ‘मैं झारखंड सरकार का बहुत शुक्रिया करता हूं कि इतने जोश के साथ वह इस टूर्नामेंट का प्रचार कर रहें हैं.’ आगे उन्होंने कहा कि रांची को 6 मैच की मेजबानी का मौका मिला है. सीएम हेमंत सोरेन इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे. 26 जुलाई से मैच का उद्घाटन हो रहा है.
इस मौके पर झारखंड सरकार में खेल मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि 1888 से चले आ रहे इस कार्यक्रम को सेना ने बेहतरीन ढंग से सुरक्षित रखा है.
रांची को इस कप की मेजबानी का मौका देने के लिए सेना को हमारी सरकार की तरफ से बहुत धन्यवाद. राज्य सरकार ने सेना के साथ मिलकर इसपर बढ़िया ढंग से करने का काम किया है. ताकि पूरा देश देख सके की झारखंड भी बड़े आयोजनों को करने में सक्षम है. मैं दिल खोल कर इस कार्यक्रम का स्वागत करता हूं. वैसे भी झारखंड खेल और खिलाड़ियों की धरती है. यहां के दर्जनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की है.
https://www.youtube.com/embed/o7AT51D58mI कर्नल अमित कुमार ने कहा कि वे झारखंड सरकार का तहे दिल से शुक्रिया करता हूं जिन्होंने इस आयोजन में साथ दिया. उम्मीद करता हूं कि आगे भी इसी तरह का सहयोग बना रहेगा. डूरंड कप सिर्फ एक आयोजन कभी नहीं रहा है बल्कि ये उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच रहा है.
