हजारीबागः झारखंड प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन कमेटी के द्वारा अनुशानहीनता पर शोकॉज जारी किए जाने के बाद भी पूर्व मंत्री योगेंद्र साव चुप नहीं हैं. एक बार फिर उन्होंने अफसरों के साथ सरकार पर कथित करप्शन और उगाही में संलिप्त रहने के आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही झामुमो के नेताओं को भी निशाने पर लिया है.
मीडिया से बात करते हुए पार्टी द्वारा जारी शोकॉज पर योगेन्द्र साव ने दो टूक कहा, मैं कांग्रेस का सिपाही हूं लेकिन गांधी जी का तीन बंदर बनना मेरी फितरत में नहीं है. मैं हमेशा से गलत का विरोध करता रहा हूं, और आगे भी करता रहूंगा. पार्टी की नीति सिद्धांतों से जुड़कर आम अवाम का सेवा करने का काम किया हूं.
झामुमो नेता पर लगाए आरोप
वहीं पूर्व में मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के खिलाफ झामुमो जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर बेदिया को तीन अंगरक्षक दिया गया है, जो कोयले और बालू की अवैध कमाई में मस्त है.
अधिकारियों के द्वारा पैसे की उगाही
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य भर के अधिकारियों के द्वारा पैसे की उगाही करवा रही है. कांग्रेस भी सरकार और गठबंधन में शामिल है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य में कांग्रेस के संगठन को कमजोर कर रही है. इस सरकार में कांग्रेस के पदाधिकारियों, नेताओं, कार्यकर्ताओं को किसी तरह की कोई तरजीह मिल रही है. उन्होंने जेएसएससी-सीजीएल मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि निश्चित रूप से सीबीआई जांच होने पर दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.
झासा ने कार्रवाई की मांग की
इस बीच झासा ने हजारीबाग के सीओ सह खासमहल पदाधिकारी के साथ बदसलूकी के मामले में बैठक कर कार्रवाई की मांग की है. पदाधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का यह अमर्यादित आचरण से वे दुखी हैं.
हजारीबाग में क्या हुआ था 18 सितंबर को
गौरतलब है कि 18 सितंबर को खासमहल जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान योगेंद्र साव ने प्रशासनिक टीम से कथित तौर पर अभद्रता पेश करते नजर आए थे. सदर अंचल के सीओ सह खासमहल पदाधिकारी आशुतोष खासमहल होल्डिंग नंबर 302, रकबा 50 डिसमील जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे. इस दौरान योगेंद्र साव अधिकारी से उलझ गए.
अतिक्रमण हटाओ की कार्रवाई के विरोध में वे जेसीबी के आगे बैठ गए और विरोध करने लगे. स्थिति को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा. प्रशासन का कहना है कि इस जमीन से चार बार अतिक्रमण हटाया गया है. इसके बाद भी गोशाला और पीसीसी सड़क बनाने की शिकायत मिली थी. जबकि योगेंद्र साव का जोर था कि इस भूखंड का एटॉर्नी पावर उनके पास है. अतिक्रमण हटाने का प्रशासन के पास कोई आदेश नहीं था.
इस दौरान योगेद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ मीडिया में आपत्तिजनक बयान दिए थे. ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ.
पार्टी ने शोकॉज कर अनुशासनहीनता पर जवाब मांगा
इधऱ झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को शोकॉज जारी करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है.
पार्टी की अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने यह कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें कहा है कि हालिया मीडिया में आपका आपत्तिजनक बयान पार्टी की गरिमा को ठेस पहुंची है.
नोटिस में योगेंद्र साव से तीन दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने तथा स्वयं उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है. साथ ही कहा गया है कि आपका बयान पार्टी की सिद्धांत के खिलाफ है. साथ ही पार्टी नेतृत्व के निर्देश की अवहेलना भी है.
अनुशासन कमेटी ने शोकॉज में कहा है, “बार-बार आपके इस प्रकार के अनुशासनहीन आचरण से यह प्रतीत होता है कि आप आदतन या जानबूझकर पार्टी अनुशासन के विरुद्ध काम करते हैं. आपके इस प्रकार के आचरण से पार्टी की छवि को लगातार क्षति हो रही है. इसलिए आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो.”
