रांचीः झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) नियमित प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाने से फिलहाल रोक लगाने से इनकार किया है.
सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई.
प्रार्थी सत्यांशु शुभम की ओर से परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया.
अदालत ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी.
इससे पहले सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने अदालत को बताया कि एपीपी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का परीक्षाफल जारी हो चुका है. हालांकि, इसमें अब तक किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति नहीं हुई है.
वहीं, एपीपी नियुक्ति से संबंधित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के लिए अदालत ने 28 अगस्त की तारीख निर्धारित की है.
सिविल जज मामले में 31 को सुनवाई
इधर, सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रतियोगिता परीक्षा (विज्ञापन संख्या-22/2023) का विज्ञापन रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना को भी झारखंड हाइकोर्ट में चुनौती दी गई है.
इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होगी.
गुरुवार को प्रार्थियों की ओर से हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ से मामले की शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया गया.
इस पर खंडपीठ ने 31 अगस्त को सुनवाई की तारीख निर्धारित की. मामले में आयुष कुमार वर्मा और आदित्य भास्कर ने याचिका दायर की है.
प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अभय आनंद और अधिवक्ता सोनल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा.
