रांचीः झारखंड कांग्रेस ने पार्टी नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का पार्टी से निष्कासन को रद्द कर दिया है. नए निर्णय के तहत अब योगेंद्र साव पार्टी में बने रहेंगे.
इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है.
पिछले मार्च महीने में योगेंद्र साव को पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था.
योगेंद्र साव बड़कागांव से विधायक रहे हैं. साथ ही बड़कागांव से विधायक रहीं और अभी कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद के पिता हैं.
पार्टी से निकाले जाने के बाद योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद ने पार्टी की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए तल्ख टिप्पणी की थी.
इससे पहले चट्टी बरियातू कोल माइंस क्षेत्र में स्थित योगेंद्र साव के मकान को बुलडोजर से जमींदोज किए जाने के बाद पूर्व मंत्री की सोशल मीडिया पर टिप्णी को लेकर प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें तीन साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था.
तब अंबा ने क्या कहा था
22 मार्च को अंबा प्रसाद ने रांची में एक प्रेस कांफ्रेंस में इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी. इसके साथ ही उन्होंने कहा, “कोयला खनन को लेकर जमीन अधिग्रहण तथा मुआवजे के सवाल और एनटीपीसी तथा पुलिस, प्रशासन के रवैये के खिलाफ पर उनका संघर्ष जारी रहेगा और यागेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में वे लोग आलाकमान तक पहुंचकर गुहार लगाएंगे.”
अंबा प्रसाद ने यह भी कहा था कि आत्मसम्मान विसर्जित कर राजनीति नहीं करनी. इसके साथ ही गठबंधन की सरकार पर भी उन्होंने सवाल उठाए थे. पार्टी ने अंबा की भी शिकायत झारखंड कांग्रेस के प्रभारी से की थी.
