रांचीः सारंडा के जंगलों में भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य सह एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा समेत लगभग 53 नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने आर- पार की लड़ाई छेड़ दी है.
सुरक्षा बलों ने सारंडा के वलगभग 21 किलोमीटर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है. इन कार्रवाईयों में कम से कम 500 सुरक्षा बल शामिल हैं.
झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी वलगातार नजरें बनाये हुए हैं. माना जा रहा है कि सारंडा में माओवादियों के विरुद्ध आखिरी लड़ाई है.
गुरुवार को भी मनोहरपुर क्षेत्र के जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी रही. गुरुवार को ही बाबूडेरा के समीप सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन के एक हेड कॉंस्टेबल अभिनय कुमार मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
कोबरा 209 बटालियन के जवान जितेंद्र कुमार राय के पैर में गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में रांची एयरलिफ्ट किया गया है.
इससे पहले बुधवार को पांच जवान विस्फोट की चपेट में आने से घायल हो गए थे. यानी दो दिनों में छह जवान विस्फोट की चपेट में आ चुके हैं.
घेराबंदी के साथ तलाशी जारी
माओवादियों की चुनौती के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने भी लगऊग 21 किमी के दायरे में उनकी घेराबंदी की है. सभी रास्ते सील हैं. उनके रसद व आपूर्ति लाइन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे बेसरा और उसके दस्ते की मुश्किलें बढ़ी है. उधर ओडिशा सीमा को भी सील कर दिया गया है.
इनमें असीम मंडल के दस्ते की तलाश में भी व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
पूरा इलाका दुर्गम होने के चलते सुरक्षा में तैनात जवान धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
माओवादियों के विरुद्ध अभियान में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन व झारखंड जगुआर के जवान शामिल हैं.
पुलिस अधीक्षक अमित रेणू ने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. ऑपरेशन समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी.
