रांचीः झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य में बड़े पैमाने पर हुए ट्रेजरी घोटाले में चल रही सीआइडी जांच पर गंभीर सवाल उठाया है. राज्य की गृह सचिव वंदना दादेल को इस बाबत पत्र लिखा है. उन्होंने दो टूक कहा है कि घोटालेबाज डीडीओ, सीआइडी की जांच से दूर हैं ना, इसे देख लें.
वित्त मंत्री ने ट्रेजरी घोटाले के तहत वेतन के नाम पर करोड़ों की अवैध निकासी की जानकारी सामने आने के बाद लगातार चौथा पत्र लिखा है. इस बार का पत्र गंभीर और गहरे सवाल उठा रहा है.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल को पत्र लिखकर कहा है कि पिछले दिनों बोकारो, हजारीबाग, देवघर, चाईबासा और खूंटी जिले में पुलिस विभाग के अंतर्गत अवैध रूप से लगभग 35-40 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला प्रकाश में आया है.
डीडीओ की भूमिका की जांच जरूरी
गौरतलब है कि अवैध वेतन की निकासी से संबंधित आपराधिक बिंदुओं की जांच सीआइडी द्वारा की जा रही है.
वित्त मंत्री ने कहा है कि यह आवश्यक होगा कि जांच के लिए प्रतिनियुक्त पुलिस अधिकारी घोटाले की अवधि में संबंधित जिलों में कौन डीडीओ के पद पर पदस्थापित थे और उनकी क्या भूमिका थी, यह भी जांच में शामिल हो.
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पत्र में कहा कि वित्त विभाग द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई थी. वित्त विभाग के निर्देश पर ही प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया.
वित्त मंत्री ने कहा है, “यह सर्वविदित है कि किसी भी सरकारी धन की निकासी के लिए डीडीओ अधिकृत किए जाते हैं. डीडीओ द्वारा ऑनलाइन विपत्र की जांच कर उस पर हस्ताक्षर के बाद ही विपत्र पारित करने के लिए कोषागार (ट्रेजरी) को अग्रसारित किया जाता है. वेतन मद में अवैध निकासी के लिए प्रत्यक्ष रूप से डीडीओ उत्तरदायी होते हैं. अवैध निकासी के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और मामला प्रकाश में आने के समय, जिन जिलों में जो डीडीओ थे, उन पदाधिकारियों का स्थानांतरण करें.”
प्रतिवेदन के आलोक में ही कार्रवाई
वित्त मंत्री ने पत्र में कहा है कि अवैध निकासी मामले में मुख्यमंत्री ने कठोर रुख अपनाया है. उन्होंने एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर मामले की व्यापक जांच करने का आदेश दिया है. उच्चस्तरीय जांच समिति के द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है. जांच के अंतिम प्रतिवेदन के आलोक में कार्रवाई होगी.
गौरतलब है कि हजारीबाग और बोकारो में हुए ट्रेजरी घोटाले में सीआइडी ने सरकार के आदेश पर केस टेकअप किया है. हजारीबाग और बोकारो में निचले स्तर के आधे दर्जन पुलिसकर्मियों और लेखापाल को गिरफ्तार किया गया है.
हालांकि रांची, गुमला, देवघर समेत कई और जिलों में वेतन के नाम पर अवैध निकासी का मामला सामने आया है.
सरकार ने सीआइडी जांच के अलावा अलग से भी एक जांच बैठायी है. इस जांच कमेटी की अगुवाई आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल कर रहे हैं.
महालेखाकार की रिपोर्ट के बाद ट्रेजरी घोटाले का खुलासा हुआ था.
