लातेहारः झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के तहत गिरफ्तार 20 लाख रुपए का इनामी नक्सली रविंद्र गंझू की निशानदेही पर पुलिस ने एक एके 56 राइफल, दो मैगजीन और 90 राउंड गोलियां बरामद की है.
इससे पहले लातेहार पुलिस ने रविंद्र गंझू को रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ की है. पुलिस को नक्सली गतिविधियों और हिंसक घटनाओं के बारे में अहम जानकारी मिली है.
30 सालों से संगठन में था सक्रिय
लातेहार के एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि 43 वर्षीय रविंद्र गंझू (पिता- रामब्रत गंझू, निवासी- हेसला, बांझी टोला, चंदवा) पिछले करीब 30 वर्षों से माओवादी संगठन से जुड़कर सक्रिय था.
वह सुरक्षा बलों के साथ हुए कई बड़े और घातक मुठभेड़ों में सीधे तौर पर शामिल रहा है. इस कुख्यात उग्रवादी का खौफ तीन जिलों में फैला हुआ था, जिसके खिलाफ अकेले लोहरदगा जिले में 87, लातेहार में 41 और गुमला जिले में 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
‘स्पेशल ओप्स क्रांति’
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर चंदवा थाना क्षेत्र के बांझी टोला गांव से उसे गिरफ्तार किया गया था. था. कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कई नक्सली कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की.
उसकी निशानदेही पर सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाकर AK-56 राइफल, AK-56 मैगजीन 02 पीस, जिंदा कारतूस 90 चक्र, पाउच 01 पीस (काले रंग का) बरामद किए हैं.
रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी को नक्सली अभियान की बड़ी सफलता और आसपास के इलाकों में माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
