सोशल एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के पुलिस जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले गई है.
पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है.
जंतर-मंतर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. जंत-मंतर को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं.
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनकी भूख हड़ताल 21वें दिन में प्रवेश कर गई है.
वांगचुक को पुलिस के द्वारा उठाने पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट से घोषणा की गई है कि अभिजीत दीपके बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठेंगे.
सीजेपी ने कहा है, ”20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा.
वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा है कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के ज़रिए कुछ भी नहीं दिया जाए.
गीतांजलि ने एक्स पर लिखा, ”मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूँ, जहाँ सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है. कृपया उन्हें मुँह के ज़रिए या नसों के माध्यम से कोई भी दवा या तरल पदार्थ तब तक न दिया जाए, जब तक मुझसे, उनके परिवार से और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नज़र रख रहे डॉक्टरों से सहमति न ले ली जाए.”
