रांचीः रांची के चुटिया थाना आंतर्गत निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला मामले में एटीएस की जांच जारी है. इसी सिलसिले में एटीएस की टीम सोमवार को आरएसएस के कार्यालय में पहुंची. आसपास का जायजा लिया और संघ के पदाधिकारियों से भी पूछताछ की.
साथ ही घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. अधिकारियों ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, तकनीकी जानकारियों और गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया है.
गौरतलब है कि 17 जून की रात 12.36 बजे आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला किया गया था. यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी.
इस केस में रांची पुलिस की एसआईटी ने लोहरदगा के अमन और सैफ अंसारी और सायम सुजान को गिरफ्तार किया है.
घटना में लोहरदगा के अहमद अली की संलिप्तता भी सामने आई है. इन आरोपियों का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है. इस मामले को जांच के लिए झारखंड की जांच एजेंसी एटीएस ने टेकअप किया है.
इससे पहले एटीएस ने लोहरदगा जाकर आरोपियों के घर को भी खंगाला था.
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि हमले की साजिश दुबई में रची गई थी। इस घटना के लिए शहबाज आलम उर्फ भट्टी और आवेश राजपूत उर्फ राणा जी ने अमन अंसारी को चुना था. पहले पंजाब से हथियार लाकर रांची में हमले की साजिश थी, लेकिन अमन अंसारी ने जांच एजेंसियों को बताया कि सीमा पर सघन तलाशी की वजह से उसे हथियार नहीं मिले. तब रांची के आरएसएस कार्यालय की तस्वीर दिखाकर उसपर पेट्रोल बम से हमला करने की साजिश रची गई.
