टीएमसी से बगावत के बाद विधायकों के गुट ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात की है. बाग़ी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने इसकी जानकारी दी है.
मीडिया से बात करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “हमने 23 जून को एक पत्र भेजकर चुनाव आयोग की फुल बेंच से मिलने की मांग की थी. हम चुनाव आयोग का धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हमसे मुलाकात की.”
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग से लंबी बातचीत हुई है. आयोग ने हमारी बातों को सुना है. आयोग ने कहा है कि वह सारी जांच करने के बाद हमें अपना जवाब देंगे.”
इससे पहले 23 जून को टीएमसी विधायकों के गुट ने मूल टीएमसी अलग होग नया गुट बनाया था.
बाग़ी विधायकों ने बैठक कर पार्टी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया था. उन्होंने अरूप राय को पार्टी का नया अध्यक्ष और ऋतब्रत बनर्जी को महासचिव चुना था.
टीएमसी के इस गुट को पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग बैठने की व्यवस्था दी गई है. टीएमसी के इस गुट की पार्टी पर दावेदारी बढ़ गई है.
महुआ मोइत्रा का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस के बाग़ी विधायकों के चुनाव आयोग से मुलाकात करने की ख़बरों पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा नेमीडिया से बात करते हुए महुआ ने कहा, “कौन किसके पास जाता है, हम इस पर कुछ नहीं कहेंगे. आप यह बता रहे हैं कि वह (ऋतब्रत बनर्जी) यह कहने के लिए गए हैं कि वो असली तृणमूल हैं. जो नकली होते हैं उन्हें ही सड़क पर छाती पीटकर कहना पड़ता है कि वह असली हैं.”
उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी तो कही नहीं गई हैं. ममता बनर्जी जी तो यहीं पर हैं, हम यहीं पर हैं. ममता बनर्जी के अभी इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि उनको ज्ञानेश कुमार के पास जाकर बोलना पड़े कि हम असली तृणमूल हैं. जो नकली हैं, गद्दार हैं वो जाकर करें ये सब.”
इससे पहले आज दोपहर टीएमसी के बाग़ी विधायकों के नेता ऋतब्रत बनर्जी से चुनाव आयोग से मुलाक़ात की थी.
