रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में छात्रों के आंदोलन में शामिल और 14 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र महतो को शनिवार को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया.
अनशन कर रहे देवेंद्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इधर जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों और अन्य अनशनकारियों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची शहर में तिरंगा यात्रा निकाली. देवेंद्र नाथ महतो इसी यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से निकलना चाहते थे. इससे पहले भूख हड़ताल की स्थिति में वे विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उसी दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
15 अगस्त की सुबह ही पुलिस बलों को सदर अस्पताल में तैनात कर दिया गया था. देवेंद्र और उनके समर्थक जिद पर अड़े थे कि वे तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे. अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
इससे पहले देवेंद्र ने देवेंद्र नाथ महतो ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झंडोत्तोलन कार्यक्रम के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से छुट्टी की इजाजत मांगी थी. देवेंद्र नाथ महतो और उनके समर्थकों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर अस्पताल में बलपूर्वक रोका गया और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई. इस दौरान देवेंद्र को चोटें आईं.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथियों के साथ मारपीट भी की.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “जयपाल सिंह स्टेडियम में झंडा फहराने जाते समय पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान मेरे सीने में चोट लग गई. फ़िलहाल मेरा इलाज और मेडिकल जांच चल रही है.”
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि कई दिनों से भूखे रहने के बावजूद वह अपने अधिकारों और लोगों की आवाज़ के लिए मज़बूती से खड़े हैं.
उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह उन्हें रोककर उनकी आवाज़ को दबा नहीं सकती.
समचार एजेंसी पीटीआई से सदर अस्पताल के डॉक्टर विमलेश कुमार ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा है “अभी की स्थिति को देखते हुए, उनमें भुखमरी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. और ऐसी हालत में, हम निश्चित रूप से उन्हें डिस्चार्ज करने की स्थिति में नहीं हैं.”
डॉक्टर के मुताबिक लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है.
जयराम बोले- यह तरीका ठीक नहीं
देवेंद्रनाथ महतो के साथ रांची के सदर अस्पताल में पुलिस की इस कार्रवाई की झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह कैसी आजादी है, जहां भूख हड़ताल और सत्याग्रह के जरिए अपनी मांग रखने पर भी रोक लगायी जा रही है.
जयराम महतो ने कहा कि देवेंद्रनाथ महतो के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को पूरा राज्य देख रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में शामिल लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए. प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है.
देवेंद्रनाथ महतो ने युवाओं को जागरूक करने और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का काम किया है. युवाओं की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए.
जयराम ने वीडियो कॉल के जरिए अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली. साथ ही कहा कि वे इस मामले को सदन में भी उठायेंगे.
