झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत ‘होम टू रोल वेरीफिकेशन’ कार्यक्रम शुरू हो रहा है. बीएलओ घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि एक परिवार के सभी मतदाता एक ही बूथ पर हों और कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए.
मंगलवार से ‘होम टू रोल वेरीफिकेशन’ कार्यक्रम संचालित किया जाएगा. चार सितंबर तक संचालित होनेवाले इस कार्यक्रम में बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही परिवार एवं एक ही घर में निवास करने वाले मतदाताओं के नाम यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हों तथा कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पांच अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची के बाद अब घर-घर सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज है अथवा जिनका नाम दर्ज नहीं है, उनके द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 एवं घोषणापत्र जमा किया गया है और उसका डिजिटाइजेशन किया जा चुका है.
उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान बीएलओ यह भी देखेंगे कि एक परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में तो दर्ज नहीं हैं.
यदि किसी मतदाता का नाम उसके सामान्य निवास से संबंधित मतदान क्षेत्र के निर्धारित मतदान केंद्र के स्थान पर किसी अन्य मतदान केंद्र में दर्ज है, तो उसे संबंधित मतदान केंद्र पर स्थानांतरित करने के लिए फार्म-8 भरने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा.
इसका उद्देश्य ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’ की व्यवस्था को प्रभावी बनाना है.
उन्होंने कहा कि झारखंड में सामान्य रूप से निवास करने वाले ऐसे मतदाता, जिनका नाम वर्तमान में बिहार, पश्चिम बंगाल अथवा किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और जो अपना नाम झारखंड के वर्तमान सामान्य निवास वाले मतदान केंद्र की मतदाता सूची में स्थानांतरित कराना चाहते हैं, वे फार्म-8 के साथ निर्धारित घोषणापत्र जमा कर सकते हैं। बीएलओ ऐसे पात्र मतदाताओं को भी आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराएंगे.
