रांचीः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम में जेएमएम के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई पिटाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, वर्ना 25 अगस्त से उन सभी मैजिस्ट्रेट का भाजपा घेराव करेगी, जो जुलूस के दौरान तैनात थे.
बाबूलाल सोमवार की शाम रांची में कोतवाली थाना के बाहर मीडिया से बात कर रहे थे.
इससे पहले वे राँची में छात्रों के द्वारा पूर्व घोषित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रा प्रतिमा कुमारी के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ पीड़ित छात्रा के साथ कोतवाली थाना पहुंचे, जहां प्रतिमा कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई.
थाना से बाहर निकल कर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीते 21 अगस्त को छात्रों द्वारा पूर्व निर्धारित पुतला दहन कार्यक्रम में झामुमो के कार्यकर्ताओं के द्वारा रांची, गिरिडीह , हजारीबाग, रामगढ़, गढ़वा आदि जिलों में प्रायोजित तरीके से आतंक मचाया गया. इन स्थानों पर झामुमो नेता और उनके जिला अध्यक्ष डंडे लेकर बच्चों की पिटाई करते हुए देखे गए. रामगढ़ में तो जेएमएम के एक नेता ने कहा कि जो भी सीएम का पुतला दहन करेगा उसे पटक पटक कर मारेंगे. लेकिन मुकदमा छात्रों एवं अन्य लोगों पर किया जा रहा है.
मरांडी ने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम में हर जगह मजिस्ट्रेट नियुक्त थे. होना तो यह चाहिए था कि उनके बयान पर झामुमो वाले जो हमला कर रहे थे उन पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन मुकदमा उनके खिलाफ नहीं कर शांतिपूर्वक आंदोलन करने वाले छात्रों पर किया जा रहा है. पुलिस बच्चों के घर पर जाकर उन्हें डरा धमका रही है.
मैजिस्ट्रेट को आगाह कराया
मरांडी ने सरकार और मैजिस्ट्रेट से निवेदन करने के साथ उन्हें सचेत भी किया है. उन्होंने कहा कि अभी भी समय है उन अराजक लोगों पर एफआईआर दर्ज करें, नहीं तो 25 अगस्त से उन सभी मैजिस्ट्रेट का भाजपा घेराव करेगी. उनसे जवाब मांगा जाएगा कि जिन लोगों ने लाठी डंडे के साथ गुंडागर्दी की है, उन पर आपने मुकदमा क्यों नहीं किया ?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “लोकतंत्र में लोगों का जो विरोध प्रदर्शन का लोकतांत्रिक अधिकार है, यह सरकार उसे कुचलना चाहती है. पहले तो झांसा डालकर जयपाल सिंह स्टेडियम से धरना और भूख हड़ताल तुड़वाया गया. सरकार ने साजिश रच कर एक अधिसूचना जारी कर 22-22 नियुक्तियां रद्द की. 6 परीक्षाओं को स्थगित किया. 2010 से लेकर 17 नियुक्तियों को जांच के दायरे में लाया गया. छात्रों ने जो मांग नहीं की थी, सरकार ने उसे भी रद्द कर दिया. छात्रों को लगा कि सरकार ने उनकी आवाज को सुना है, उनके दर्द को समझा है लेकिन वास्तव में हेमंत सरकार ने बड़ी चालाकी और चतुराई से छात्रों को धोखा देने का काम किया है”.
मरांडी ने कहा, “उसी दिन मैंने आशंका जता दिया था कि सरकार के फैसले में कोई दम नहीं है, कोर्ट जाते ही इस पर स्टे लग जाएगा, वही हुआ भी। सरकार की धोखेबाजी से बच्चों का गुस्सा होना स्वाभाविक था, पुतला दहन इसी गुस्से की प्रतिक्रिया थी। यह भी राज्य सरकार को बर्दाश्त नहीं हुआ.”
इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे.
