केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 12 राज्यों के लिए 10.21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है.
यह राशि झारखंड के अलावा असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के लिए जारी की गई है.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 12 राज्यों को 10,021.42 करोड़ रुपए की ‘मूल स्वीकृति’ जारी की, जो मार्च 2029 तक ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है.
तीन गुना अधिक
केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि चालू वर्ष के लिए आवास लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है और केंद्र एवं राज्यों के समन्वित प्रयासों से इसे समयबद्ध तरीकों से हासिल कर लिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि पी.एम.ए.वाई.जी. के तहत चार करोड़ 95 लाख आवास के लक्ष्य के मुकाबले 3 करोड़ 91 लाख आवास को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. इनमें 3 करोड़ से अधिक मकान का निर्माण पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर काम कर रही है.
महिला सशक्तिकरण पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पी.एम.ए.वाई.जी. के अंतर्गत स्वीकृत लगभग 75 प्रतिशत मकान या तो महिलाओं के नाम पर हैं या संयुक्त स्वामित्व में हैं.
राज्यों से आग्रह
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि जिन मामलों में गरीब परिवारों के पास जमीन नहीं होती, वहां आवास निर्माण प्रभावित होता है. उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे ऐसे लोगों को जमीन उपलब्ध कराने और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल करें. उन्होंने राज्यों से आवंटन प्रतिबंधों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने, समेकित घरों के निर्माण में तेजी से लाने और स्वीकृत पूर्णता का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया.
कई राज्य लक्ष्य से पीछे
उन्होंने आगे कहा कि कुछ राज्य अभी भी अपने 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप आधारित प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं. उन्होंने उनसे 30 जून, 2026 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया है. मंत्री ने पीएमएवाई-जी योजना के प्रत्येक लाभार्थी से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की.
