रांचीः रांची पुलिस ने पीएलएफआई के प्रमुख अमृत होरो को गिरफ्तार कर लिया है. नक्सल और उग्रवाद विरोधी अभियान में इसे पुलिस की अहम सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया है कि अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या होरो पर दस लाख रुपये का इनाम था.
इसके साथ ही पुलिस ने दावा किया है कि अमृत की गिरफ्तारी से पीएलएफआई का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से खत्म हो गया है.
34 वर्षीय अमृत के खिलाफ रांची, खूंटी, लोहरदगा, और गुमला जिले में कम से कम 50 मामले दर्ज है.
गुमला में ही उसके खिलाफ यूएपीए के तहत एक मामला दर्ज था.
पुलिस अधिकारी ने बताया है कि अमित होरो वह पिछले 16 वर्षों से कई जिलों में सक्रिय रहकर बड़ी उग्रवादी घटनाओं को अंजाम दे रहा था, जिनमें हत्या, रंगदारी, आगजनी और लेवी वसूली प्रमुख तौर पर शामिल है.
लापुंग के महगांव जंगल से
एसएसपी को इनपुट्स मिले था पीएलएफआई का स्टेट चीफ अमृत होरो अपने साथियों के साथ लापुंग थाना क्षेत्र के महगांव जंगल के आसपास घूम रहा है और किसी बड़ी उग्रवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में है.

इस सूचना की पुष्टि के बाद ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. पुलिस की टीम ने देर रात महगांव जंगल के पास घेराबंदी की, जिसके बाद अमृत होरो को धर-दबोचा गया.
उसके पास से पुलिस ने एक ऑटोमेटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.

अकेले लापुंग थाना में ही अमृत के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं. इनके अलावा रांची के खेलगांव, टाटीसिल्वे, अरगोड़ा थाने में भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है.
वर्चस्व के लिए कर दी हत्या
साल 2023 में होरे ने वर्चस्व दिखाने के लिए हुलसू निवासी राजेश कुमार साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार उग्रवादी ने स्वीकार किया कि वह पीएलएफआई का स्टेट चीफ है.
उसने खुलासा किया कि वह और उसके संगठन के सदस्य फोन और सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए क्षेत्र के व्यापारियों, ठेकेदारों, निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को जान से मारने की धमकी देकर मोटी लेवी (रंगदारी) वसूलते थे.
वर्ष 2024 में पश्चिम सिंहभूम के आनंदपुर इलाके में संगठन के अंदर आपसी वर्चस्व की लड़ाई में पीएलएफआई के ही अन्य सदस्य मत्स्य टूटी की हत्या का भी वह आरोपी है.
