रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस ने एक सीट पर दावा ठोकी है. इसी सिलसिले में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने हेमंत सोरेन से मुलाकात की. करीब डेढ़ घंटे की इस मुलाकात में दोनों सीटों पर सत्तारूढ़ दलों की जीत को लेकर चर्चा हुई.
सीएम आवास से बाहर निकले कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से कहा कि पूरी बैठक काफी सकारात्मक रही है और एक मुद्दे पर दोनों दल सहमत हैं कि राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करना है.
झारखंड कांग्रेस प्रभारी ने मीडिया को बताया कि राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस ने अपनी दावेदारी जताई है, जिस पर मुख्यमंत्री और गठबंधन के नेताओं ने कहा कि एक दो दिन में बातचीत करके राज्यसभा चुनाव को लेकर फैसला लेंगे.
के राजू ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का को राज्यसभा चुनाव के लिए झामुमो से बातचीत और सहमति बनाने के लिए रांची भेजा है. वे बैठक की सभी बातों से कांग्रेस आलाकमान को अवगत कराएंगे.
मुख्यमंत्री का रुख वही जो कांग्रेस का रुख
विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने बताया कि स्पष्ट बात हुईं है और मुख्यमंत्री की सोच और विचार वही है, जो कांग्रेस के विचार हैं. प्रदीप यादव ने आगे कहा कि आज की परिस्थिति में दोनों सीटें कैसे जीते? पहली सीट के लिए कोई दिक्कत नहीं है. दूसरी सीट के लिए कैसे हमारे सभी 28 विधायक एकजुट रहे, इस पर रणनीति बनी है और इसके लिए जवाबदेही मुख्यमंत्री को दी गई है.
हेमंत ने पत्ते नहीं खोले हैं
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 28 विधायकों के वोट की जरूरत होगी. सत्ताधारी दलों में झामुमो के पास 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक (कुल 56) हैं. अंकगणित के लिहाज से दोनों सीट सत्तारूढ़ दल जीत सकते हैं.
एक सीट झामुमो के संस्थापक अध्यक्ष शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई है. एक सीट पर झामुमो की जीत कंफर्म है.
वहीं संख्याबल नहीं होते हुए भी बीजेपी ने राज्यसभा में उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है. जाहिर तौर पर बीजेपी की नजर सत्तारूढ़ दलों के विधायकों पर है.
