रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग ने झारखंड न्यायिक सेवा के अंतर्गत सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित प्रांरभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है.
आयोग के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नौ फरवरी 2026 को पारित आदेश के आलोक में इस परीक्षा का संशोधित उत्तर कुंजी प्रकाशित किया गया था.
इसके आधार पर प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया गया.
आयोग ने यह भी कहा है कि परीक्षा के परिणाम में किसी भी त्रुटि/टंकण त्रुटि के संज्ञान में आने पर उस पर सुधार का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।
साथ ही यह परीक्षा झारखंड उच्च न्यायालय में सुलोचना कुमारी बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य तथा रामेश्वर सिंह बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य तथा समरूप वादों के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगी.
138 पदों पर नियुक्ति
यह परीक्षा सिविल जज के कुल 138 पदों पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2023 से ही चल रही है. प्रारंभिक परीक्षा के तीन बार उत्तर कुंजी जारी करने के बाद आयोग ने दो जुलाई 2024 को परिणाम और कट ऑफ मार्क्स जारी किया था.
पहले क्या हुआ था
संशोधित परिणाम में कुल 1,844 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं. पिछले परिणाम में 1,797 अभ्यर्थी ही सफल हुए थे. यह प्रारंभिक परीक्षा 10 मार्च 2024 को ही आयोजित हुई थी।.आयोग ने दो जुलाई 2024 को इसका परिणाम जारी किया था.
इधर, सर्वोच्च न्यायालय ने नौ फरवरी को जारी अपने एक आदेश में अंतिम उत्तर कुंजी में विवादित कुछ उत्तरों की समीक्षा करने का आदेश दिया।
आदेश के चार माह बाद आयोग ने संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी जारी किया. साथ ही उसके आधार पर संशोधित परिणाम जारी किया। इस तरह, लगभग दो वर्ष बाद इस परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी हुआ.
संशोधित उत्तर कुंजी में कुल 100 प्रश्नों में पांच प्रश्नों के उत्तर में सुधार कर किया गया, जबकि दो प्रश्न ड्राप कर दिए गए.
वहीं, तीन प्रश्नों के दिए गए सभी विकल्प गलत पाए गए थे. इसमें सभी को प्रति प्रश्न एक-एक अंक देने का निर्णय लिया गया.
