रांचीः झारखंड में 18 जून को दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को कांग्रेस आलाकमान द्वारा नियुक्त राज्यसभा चुनाव पर्यवेक्षक एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय शर्मा रांची पहुंचे हैं.
जेएमएम के द्वारा दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेत के बाद भूपेश बघेल का यह दौरा कांग्रेस खेमे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.जेएमएम के द्वारा दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेत के बाद भूपेश बघेल का यह दौरा कांग्रेस खेमे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कांग्रेस ने पहले ही प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के नजदीकी हैं और कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय से जुड़े हैं.
इधर झामुमो ने एक सीट के लिए पूर्व मंत्री बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है. झामुमो के पास 34 विधायक हैं और एक सीट पर पार्टी उम्मीदवार की जीत कंफर्म है.
कांग्रेस के द्वारा उम्मीदवार की घोषणा के बाद छह जून को सत्तारूढ़ दलो-झामुमो और कांग्रेस के बीच तनातनी की तस्वीर उभरी थी. हेमंत सोरेन ने अचानक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी. तब जेएमएम के नेताओं ने दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर दी थी.
जबकि पिछले 29 मई को झारखंड में कांग्रेस के प्रभारी के राजू तथा तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्ठी ने हेमंत सोरेन से मिलकर एक सीट पर दावेदारी की थी.
सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं. एक सीट पर जीत के लिए 28 विधायकों के वोट चाहिए होगी. अगर सत्तारूढ़ दल दोनों सीटों पर इंटैक्ट होकर लड़ते हैं, तो दोनों सीटें जीत सकते हैं.
उधर भाजपा ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर रखी है. आज-कल में भाजपा भी उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है.
कांग्रेस का दावा
इधर भूपेश बघेल के रांची पहुंचने पर कांग्रेस के विधायकों और नेताओं ने उनका स्वागत किया. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है और झारखंड में महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है. पार्टी नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे. रांची एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला.
