रांचीः झारखंड में राज्यसभा के लिए दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दलों में कांग्रेस को रविवार की रात राहत मिली, जब हेमंत सोरेन के आवास पर सभी सहयोगी दलों के विधायकों रात्रि भोज के बहाने बैठक हुई.
कांग्रेस के रणनीतिकार और चुनावी पर्यवेक्षक बनकर शनिवार की शाम रांची पहुंचे छत्तीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की हेमंत सोरेन से लंबी मुलाकात और बातचीत के बाद सोरेन के तेवर नरम पड़े हैं. नतीजा यह हुआ कि हेमंत सोरेन ने विधायकों को एक साथ बैठाया और चुनाव में झामुमो, कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को कहा.
बैठक में सत्ताधारी दल के सभी मंत्री एवं विधायक उपस्थित रहे. इस दौरान राज्यसभा चुनाव से संबंधित रणनीति एवं विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई.
हेमंत सोरेन ने ने सभी जनप्रतिनिधियों से एकजुट होकर चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशियों की विजय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए.
18 जून को चुनाव, क्या है अंकगणित
कांग्रेस ने एक सीट पर प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के नजदीकी हैं और कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय से जुड़े हैं.
इधर झामुमो ने एक सीट के लिए पूर्व मंत्री बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है. झामुमो के पास 34 विधायक हैं और एक सीट पर पार्टी उम्मीदवार की जीत कंफर्म है.
कांग्रेस के द्वारा उम्मीदवार की घोषणा के बाद छह जून को सत्तारूढ़ दलो-झामुमो और कांग्रेस के बीच तनातनी की तस्वीर उभरी थी.
हेमंत सोरेन ने अचानक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी. तब जेएमएम के नेताओं ने दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर दी थी.
जबकि पिछले 29 मई को झारखंड में कांग्रेस के प्रभारी के राजू तथा तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्ठी ने हेमंत सोरेन से मिलकर एक सीट पर दावेदारी की थी.
कैसे परिस्थितियां बदली और क्या है सवाल
हालांकि बनते- बिगड़ते समीकरणों के बीच शनिवार को झामुमो का रुख नरम पड़ा, जब रांची पहुंचे भूपेश बघेल ने हेमंत सोरेन से मुलाकात की.
इसके साथ ही झामुमो दूसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार देगा, इसकी गुंजाइश खत्म हुई.
सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं. एक सीट पर जीत के लिए 28 विधायकों के वोट चाहिए होगी.
अगर सत्तारूढ़ दल दोनों सीटों पर इंटैक्ट होकर लड़ते हैं, तो दोनों सीटें जीत सकते हैं.
हालांकि एका को लेकर हुई इस बैठक के बाद भी कांग्रेस को झामुमो, राजद, माले के विधायकों का अपेक्षित सहयोग मिलेगा, इसे लेकर सवाल अब भी मौजूद हैं.
उधर भाजपा ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर रखी है. हालांकि भाजपा ने रविवार की रात तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. सोमवार, 8 जून को नामांकन की अंतिम तिथि है.
इस बीच उद्योगपति और झारखंड से दो बार के राज्यसभा के सांसद रहे परिमल नथवाणी की एंट्री ने सबको चौंका दिया है. अटकलों का दौर तेज है कि अब भाजपा नथवाणी का समर्थन करेगी. भाजपा के पास 21 और एनडीए में 24 विधायक हैं.
