रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में जेएमएम के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी जीत गए हैं .
तमाम कोशिशों और रणनीतिक बिसात पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा चुनाव हार गए हैं.
सत्तारूढ़ जेएमएम के पास 34 विधायक हैं. कांग्रेस के पास 16, राजद में 4 और भाकपा माले के पास 2 विधायक हैं . जबकि एनडीए में 24 विधायक हैं. एक वोट जेएलकेएम के जयराम महतो का है.
इस चुनाव में सबसे बुरा हाल कांग्रेस का हुआ. इसलिए कि सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक रहते कांग्रेस को 20 वोट मिले. इसमें भी एक वोट रद्द हो गया.
चुनाव में आशा के अनुरूप झामुमो के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम सबसे अधिक 31 वोट लाकर विजयी हुए.
दसूरी सीट पर मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा तथा भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी में था. इसमें परिमल कांग्रेस प्रत्याशी पर भारी पड़े. उन्होंने 28 वैध मत लाकर सत्तारूढ़ कांग्रेस की सारी रणनीति को धाराशायी कर दिया.
भाजपा विधायकों के दो वोट रद होने के बाद भी परिमल को 28 वोट मिले तो इसका मतलब साफ है कि वह गठबंधन के छह विधायकों को अपने पाले में लाने में सफल रहे.
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने आरोप लगाया है कि सरकार में सहयोगी राजद और माले ने हमें धोखा दिया.
वोटों के गणित को देखें, तो यह मालूम पड़ता है कि कांग्रेस को सरकार में सहयोगी दलों के वोट अपेक्षित तौर पर नहीं मिले. अगर सत्तारूढ़ दलों के सभी 56 विधायक इंटैक्ट रहते और वोट साफ-सुथरे ढंग से कास्ट करते, तो शायद प्रणव झा को हार का मुंह नहीं देखना पड़ता.
