जमशेदपुरः लौहनगरी जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर हुई हिंसक झड़प और हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा उबाल पर है.
इस बीच वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में घटनास्थल पर मौजूद गश्ती दल (पीसीआर) के तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
जिन तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है उनमें एएसआई रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और आरक्षी मनोज कुमार शामिल हैं.
पुलिस ने इस मामले में विस्तार से जांच के लिए एक एसआईटी गठित की है. साथ ही हमला करने वालों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज हासिल किए हैं. सिटी एसपी ने घटना स्थल का जायजा लिया है.
कब और कैसे मौत हुई
हिमांशु करनी सेना के सक्रिय कार्यकर्ता थे. विष्टुपुर स्थित डबल डाउन पब के समीप चाकू और चापड़बाजी में घायल हिमांशु की सोमवार शाम इलाज के दौरान टीएमएच में हुई मौत के बाद लोगों का गुस्सा उबल पड़ा था.
बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बिष्टपुर थाना का घेराव कर दिया. देखते ही देखते बड़ी भीड़ जमा हो गई. कई सड़कों को जाम कर दिया गया. हिमांशु की मां और पत्नी भी बीच सड़क पर धरने पर बैठ गईं. हमलावरों के शीघ्र गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की लोग मांग कर रहे थे. पुलिस के हालात संभालने के लिए क्यूआरटी उतारना पड़ा. हिमांशु की पत्नी इस बात पर अड़ी थीं कि हमलवरों को पकड़ कर पुलिस एनकाउंटर करे.
पीसीआर वैन से खींच कर
लोगों का गुस्सा पुलिस की कार्यशैली को लेकर था. दरअसल, शनिवार की रात डीडी पब के बाहर पुलिस की मौजूदगी में दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद प्रत्यूष सिंह और हिमांशु सिंह पर चापड़ और चाकू से हमला किया गया था. वायरल सीसीटीवी में स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है कि हमलावर पुलिस की मौजूदगी में दोनों पर वार करते रहे. जबकि पीसीआर वैन में मौजूद पुलिसकर्मी रोकने में विफल रहे. दोनों को इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था, जहां से प्रत्यूष को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता एयरलिफ्ट किया गया.
पीसीआर वैन से खींचकर हमला करने के सवाल पर पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
जमशेदपुर पुलिस पर कालिख पोतने जैसा
इस घटना पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने तल्ख टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि पुलिस की गस्ती गाड़ी से खींच कर दो युवकों पर हमला जमशेदपुर पुलिस के चेहरे पर कालिख पोतने जैसा है. पुलिस इस हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है.
एक्स पर एक अन्य टिप्पणी में सरयू राय ने कहा है, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है.
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी में कहा है, “झारखंड में में सरकार नाम का चीज नहीं है. अगर होती तो दिनदहाड़े पुलिस के सामने अपराधी युवकों पर हमला करने की हिम्मत नहीं करते. घटना के समय पुलिस मूकदर्शक बनी रही. आम जन की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त करे। हिमांशु सिंह के हत्यारे को जल्द पकड़े और उन्हें फास्टट्रैक मामला चलाकर कड़ी सजा दिलाए.”
