रांचीः झारखंड कांग्रेस का कहना है कि राज्य में अब तक 47 लाख वोटरों मैपिंग कार्य से बाहर हैं. इसी सिलसिले में कांग्रेस के प्रभारी के. राजू और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के नेतृत्व में विधायकों ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के तहत गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिनों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया है.
पार्टी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के माध्यम से चुनाव आयोग एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा है. कांग्रेस ने बताया कि मतदाताओं, बूथ स्तर के एजेंटों, जनप्रतिनिधियों और फील्ड वर्करों से मिली रिपोर्ट के अनुसार, कई व्यावहारिक और व्यवस्थागत समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अभी तक अपना फॉर्म नहीं भर सके हैं. पार्टी का दावा है कि राज्य के कुल 2.64 करोड़ मतदाताओं में से केवल 82.08 प्रतिशत की ही पैरेंटल मैपिंग हो पाई थी. लगभग 47.41 लाख मतदाता बिना मैपिंग के रह गए हैं, जिनमें से ज्यादातर एएसडीडी श्रेणी में आ रहे हैं.
कई कारणों से वोटर छूटे
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन पदाधिकारी को बताया है कि शहरी और दूरदराज के इलाकों में पलायन, काम की व्यस्तता या बीमारी जैसे कारणों से कई परिवार प्रक्रिया से छूट गए हैं. 17 जुलाई 2026 तक राज्य में केवल 1.51 करोड़ फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं, जबकि 1.13 करोड़ फॉर्म अभी भी पेंडिंग हैं.
कांग्रेस का कहना है कि अंतिम समय में जल्दबाजी करने से गलतियां बढ़ेंगी, जबकि पहले से ही डिजिटाइज्ड फॉर्म्स में कई कमियां सामने आ रही हैं. यदि कुछ दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाए, तो डिजिटाइजेशन का काम बिना गलतियों के और सही तरीके से पूरा किया जा सकेगा.
